अगर हाल ही में आपके मोबाइल पर अचानक तेज बीप के साथ कोई अलर्ट मैसेज आया है, तो इसे नजरअंदाज न करें लेकिन घबराने की भी जरूरत नहीं है। दरअसल, यह सरकार की तरफ से शुरू की गई एक बड़ी तकनीकी तैयारी का हिस्सा है, जिसका मकसद आपदा के समय लोगों की जान बचाना है।
National Disaster Management Authority और Department of Telecommunications मिलकर देशभर में एक एडवांस ‘इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम’ की टेस्टिंग कर रहे हैं। यह सिस्टम मोबाइल नेटवर्क के जरिए सीधे लोगों तक चेतावनी पहुंचाने में सक्षम है-वो भी बिना इंटरनेट के।
कैसे काम करता है ये अलर्ट सिस्टम?
यह तकनीक ‘सेल ब्रॉडकास्ट’ पर आधारित है, जिसमें किसी विशेष इलाके में मौजूद सभी मोबाइल यूजर्स को एक साथ अलर्ट भेजा जाता है। जैसे ही कोई आपदा (भूकंप, सुनामी, बाढ़ या चक्रवात) का खतरा बनता है, संबंधित एजेंसी तुरंत मैसेज और तेज साउंड के जरिए लोगों को सचेत कर सकती है।
क्यों जरूरी है ये टेस्टिंग?
विशेषज्ञों के मुताबिक, आपदा के समय हर सेकंड कीमती होता है। ऐसे में पहले से चेतावनी मिलना हजारों जानें बचा सकता है। यही वजह है कि सरकार इस सिस्टम को फुल-स्केल पर लागू करने से पहले अलग-अलग राज्यों में इसकी टेस्टिंग कर रही है।
क्या करना चाहिए आपको?
- अगर ऐसा अलर्ट आए, तो घबराएं नहीं
- यह केवल टेस्टिंग का हिस्सा हो सकता है
- मैसेज को ध्यान से पढ़ें और निर्देशों का पालन करें
- अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जानकारी दें