अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गुरुवार को अयोध्या पहुंचकर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से करीब छह घंटे तक गहन पूछताछ की। जांच एजेंसी अब पूरे दान प्रबंधन तंत्र की पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के आधार पर इस मामले में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है।
गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे एसआईटी की टीम राम मंदिर परिसर पहुंची। इससे पहले भी चंपत राय से तीन घंटे पूछताछ हो चुकी थी, लेकिन इस बार सवाल-जवाब का दौर करीब छह घंटे तक चला। जांच के दौरान नकद चढ़ावे के संग्रह, उसकी गिनती और बैंक में जमा कराने की पूरी प्रक्रिया को लेकर ट्रस्ट पदाधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली गई।
एसआईटी यह भी पता लगा रही है कि नकदी की गिनती के लिए आउटसोर्स एजेंसी की नियुक्ति कैसे हुई, भारतीय स्टेट बैंक के साथ कैश मैनेजमेंट को लेकर क्या व्यवस्था थी और किस अधिकारी को कौन-सी जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि कर्मचारियों की तलाशी, सीसीटीवी निगरानी और निगरानी व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। साथ ही भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों और आउटसोर्स एजेंसी की भूमिका की भी जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि चोरी को अंजाम देने में किसी तरह की लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं थी।
दान प्रबंधन में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद चंपत राय ने पिछले सप्ताह अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बताया जा रहा है कि वह फिलहाल एकांतवास में हैं। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपने करीबी लोगों से कहा है कि अयोध्या में उनकी सेवा पूरी हो चुकी है और वह इस विवाद के साथ आगे नहीं बढ़ना चाहते। ट्रस्ट की अगली बैठक सोमवार को प्रस्तावित है, जिसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा से जुड़े मामलों पर फैसला हो सकता है।
मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ला को पहली बार पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश रजत वर्मा ने उसे 24 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर की है। पुलिस के अनुसार, अविनाश के घर से 20.40 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे। एसआईटी की सिफारिश पर यह रिमांड ली गई है और पूछताछ में मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चढ़ावा चोरी मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ला, रमाशंकर मिश्रा और करुणेश पांडे शामिल हैं। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से 79.85 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की थी। जांच के दौरान यह रकम बाथरूम और उपलों के बीच छिपाकर रखी गई मिली थी।
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