Trending News

सीएम पद छोड़ राहुल गांधी की टीम में शामिल होंगे सिद्धारमैया! जानिए कर्नाटक की राजनीति में कैसे अहम खिलाड़ी बने थे सिद्धारमैया?

कर्नाटक में चल रहे सत्ता के संघर्ष को आखिरकार राहुल गांधी ने सुलझा लिया। दिल्ली में हुई लेवल बैठक के बाद राहुल गांधी ने सिद्धारमैया को इस्तीफा देने के लिए मना लिया। यहीं से कर्नाटक की राजनीति डीके शिवकुमार के हाथ चली गई। 2023 में चुनाव जीतने के बाद डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच सीएम की कुर्सी को लेकर लंबी खींचतान चली। अंदरखाने की बात मानी जाए तो तब 2.5-2.5 साल की डील हुई थी।

आखिर कौन हैं सिद्धारमैया, जिनसे इस्तीफा लेने के लिए राहुल गांधी को इनवॉल्व होना पड़ा। दरअसल कर्नाटक की राजनीति में पिछले 2 दशक से सिद्धारमैया एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने अपना एक अलग मुकाम हासिल किया। राजनीतिक शैली और सहज अंदाज उन्हें आम लोगों के बीच लोकप्रिय बनाता चला गया। वो कांग्रेस के मजबूत चेहरे बन गए थे। लेकिन सिद्धारमैया ने अपनी राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से नहीं की थी।

12 अगस्त 1948 को कर्नाटक के मैसूर जिले के सिद्धारामनहुंडी गांव में एक साधारण किसान परिवार के घर जन्मे सिद्धारमैया ने मैसूर विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की और कुछ समय तक वकालत भी की। लेकिन जल्द ही वो राजनीति की तरफ मुड़ गए।

1983 में पहली बार विधायक बने। उस समय कर्नाटक की राजनीति रामकृष्ण हेगड़े और एच.डी. देवेगौड़ा के इर्द-गिर्द घूम रही थी। बाद में सिद्धारमैया भी जनता पार्टी में शामिल हो गए। 1985 में रामकृष्ण हेगड़े की सरकार में मंत्री बने। 1994 में वो देवेगौड़ा सरकार में मंत्री बने। 2006 में उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और कांग्रेस के प्रमुख चेहरे बनते चले गए।

साल 2013 में जब कांग्रेस ने चुनाव जीता तो सिद्धारमैया पहली बार सीएम बने। इसके बाद 2023 में कांग्रेस की प्रचंड जीत के बाद उन्होंने दोबारा सीएम पद की शपथ ली।

सिद्धारमैया की राजनीति का सबसे चर्चित पहलू उनका अहिंदा फॉर्मूला रहा है। AHINDA यानी अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित समुदायों का सामाजिक गठजोड़। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसी सामाजिक समीकरण ने उन्हें कर्नाटक की राजनीति में लगातार मजबूत बनाए रखा।

अब जब सिद्धारमैया सीएम पद से इस्तीफा दे चुके हैं, तो कांग्रेस उन्हें राज्यसभा भेज सकती है। साथ ही उनके बेटे को मंत्रिमंडल में अहम पद भी दिया जा सकता है। ओबीसी वर्ग से आने वाले सिद्धारमैया वो शख्सियत हैं जिन्होंने दिग्गज राजनेताओं के बीच अपनी जगह बनाई, अपने ठेठ अंदाज से लोगों को जोड़ा और जब पार्टी ने कहा तो अपना इस्तीफा भी दे दिया। अब कांग्रेस ने उनसे कहा है कि वो खुद जो भी भूमिका चाहेंगे, पार्टी उन्हें देगी।

सूत्रों की मानें तो अब सिद्धारमैया केंद्र की राजनीति में जा सकते हैं।

news desk

Recent Posts

“आप भी आइए अयोध्या…” अखिलेश की चुनौती पर सीएम योगी का पलटवार, बलरामपुर में दी सीधी चुनौती

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर अयोध्या का रण सबसे बड़ा केंद्र बनता…

13 hours ago

लखनऊ का सिद्धपीठ माँ चंद्रिका देवी मंदिर बंद! मंदिर में जलभराव से प्रशासन का बड़ा फैसला, जानिए कब खुलेंगे कपाट

नवरात्रि और अमावस्या के पावन अवसर पर जहाँ माँ चंद्रिका देवी के दरबार में लाखों…

14 hours ago

घाघरा-चोली से लेकर मोनोक्रोम एथनिक तक, जानिए क्या है इस बार ट्रेंड में

नवरात्रि अब सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि फैशन, म्यूजिक और लाइफस्टाइल का ऐसा रंगीन…

15 hours ago

पहली बार भारत आ रही जिम्बाब्वे की महिला टीम, स्मृति मंधाना संभालेंगी टीम इंडिया की कमान!

भारतीय महिला क्रिकेट टीम अपने आगामी और बेहद व्यस्त इंटरनेशनल सीजन की शुरुआत एक ऐतिहासिक…

16 hours ago

रुपये को गिरने से बचाने के लिए RBI का ‘मास्टरस्ट्रोक’, विदेशी मुद्रा बाजार के बदले नियम!

कमजोर होते रुपये को सहारा देने और विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के…

17 hours ago

स्मार्टफोन की लत बनी मानसिक बीमारी: 13 साल के बच्चे का 12 घंटे गेम खेलना डराने वाला सच, जानिए कैसे करें बचाव

आज के डिजिटल दौर में बच्चों से लेकर बड़ों तक के हाथ में स्मार्टफोन आम…

17 hours ago