भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से निवेशकों का सेंटीमेंट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बाजार खुलते ही शुरुआती कारोबार में निवेशकों के करीब 4 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।
बाजार में आज की इस बड़ी बिकवाली के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) के दामों में अचानक आया उछाल है। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) के चलते कच्चा तेल एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, इसलिए क्रूड की बढ़ती कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत मानी जाती हैं।
आज के शुरुआती कारोबार में लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स दबाव में नजर आए। सबसे ज्यादा गाज रियल्टी और ऑटो सेक्टर पर गिरी।
| सेक्टर / सूचकांक | गिरावट (%) |
| निफ्टी रियल्टी (Nifty Realty) | 1.55% |
| निफ्टी ऑटो (Nifty Auto) | 1.10% |
| निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स | 1.04% |
| निफ्टी मेटल (Nifty Metal) | 0.91% |
| निफ्टी ऑयल एंड गैस | 0.90% |
| निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज | 0.83% |
| निफ्टी आईटी (Nifty IT) | 0.46% |
बिकवाली का आलम यह रहा कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स के 30 में से 27 शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे, जबकि महज 3 शेयरों में ही मामूली बढ़त देखने को मिली। बैंक, आईटी, मेटल और ऑटो समेत सभी प्रमुख हैवीवेट शेयरों में बिकवाली का दौर जारी है।
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