यमन में हालात एक बार फिर गर्मा गए हैं और इस बार आमने-सामने हैं सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)। अब तक जो देश एक ही खेमे में माने जाते थे, उनके बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। सऊदी अरब ने यमन के मुकल्ला बंदरगाह पर हवाई हमला कर दिया है, जिसमें UAE से जुड़े जहाजों को निशाना बनाया गया। सऊदी का कहना है कि इन जहाजों में हथियार और सैन्य वाहन थे, जो UAE-समर्थित दक्षिणी अलगाववादी संगठन STC तक पहुंचाए जा रहे थे। इसी के साथ सऊदी ने UAE को साफ अल्टीमेटम दे दिया है कि 24 घंटे के भीतर यमन से अपनी सेनाएं हटा ले।
मुकल्ला पोर्ट पर हमला, सऊदी का सीधा एक्शन
मंगलवार को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने मुकल्ला बंदरगाह पर “सीमित” हवाई कार्रवाई की। सऊदी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दो जहाज UAE के फुजैरा बंदरगाह से बिना ट्रैकिंग सिस्टम के रवाना हुए थे और हथियारों व बख्तरबंद वाहनों के साथ मुकल्ला पहुंचे थे। आरोप है कि जब इन जहाजों से STC के लिए हथियार उतारे जा रहे थे, तभी सऊदी एयरस्ट्राइक हुई। हमले में बंदरगाह को नुकसान जरूर पहुंचा, लेकिन राहत की बात ये रही कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। सऊदी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि यह कदम उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा और इलाके की शांति को ध्यान में रखकर उठाया गया।
पुराना गठबंधन, नए टकराव
असल में सऊदी और UAE के बीच खटास कोई नई बात नहीं है। दोनों 2015 में यमन युद्ध में साथ आए थे, लेकिन वक्त के साथ उनके रास्ते अलग होते चले गए। सऊदी यमन को एकजुट रखना चाहता है, जबकि UAE दक्षिणी यमन के अलगाववादी गुट STC का समर्थन करता रहा है। अब यही बात सऊदी को खटक रही है। STC ने सऊदी हमले को सीधी “आक्रामकता” बताया है और UAE से और मदद की मांग की है।
इस बीच सऊदी-समर्थित यमनी प्रेसिडेंशियल काउंसिल के प्रमुख ने UAE के साथ संयुक्त रक्षा समझौता रद्द कर दिया है और सीमाएं भी कुछ समय के लिए बंद कर दी गई हैं। UAE की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन वहां के कुछ जानकारों ने सऊदी के कदम की आलोचना जरूर की है। सोशल मीडिया पर भी लोग इसे सऊदी-UAE रिश्तों में बड़ी दरार बता रहे हैं।
कुल मिलाकर, यमन में हालात फिर से बिगड़ते दिख रहे हैं। अगर UAE ने सऊदी के अल्टीमेटम को नजरअंदाज किया, तो यह टकराव और बढ़ सकता है। जानकार मानते हैं कि इसका असर सिर्फ यमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की राजनीति और ताकत के संतुलन पर भी पड़ेगा।