मौजूदा दौर में विश्व राजनीति एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है। दुनिया दो खेमों में बंटी दिखाई दे रही है-एक तरफ अमेरिका और उसके सहयोगी, तो दूसरी ओर रूस अपनी आक्रामक नीति के साथ खड़ा है। अमेरिका और पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप लगातार रूस–यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और शांति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन न तो पुतिन झुकने को तैयार हैं और न ही यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की।
इस बीच रूस ने ब्रिटेन और यूरोपीय संघ को लेकर बड़ा और तीखा बयान दिया है, जिससे तीसरे विश्व युद्ध की आशंका और तेज हो गई हैं।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ब्रिटेन और EU पर आरोप लगाया कि वे शांति वार्ताओं को “खुले तौर पर विनाशकारी” दिशा में ले जा रहे हैं। लावरोव ने हालांकि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की सराहना की, लेकिन साथ ही ऐसी चेतावनी भी दे डाली जिसने यूरोपीय देशों की चिंता बढ़ा दी है।
*लावरोव ने कहा कि रूस की यूरोप से युद्ध करने की कोई इच्छा नहीं है, लेकिन दो प्रमुख “रेड लाइनें” हैं गर इन्हें पार किया गया तो रूस सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। उनका संकेत साफ तौर पर ब्रिटेन की ओर था।
रूस ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यूरोपीय देश यूक्रेन में अपनी सैन्य टुकड़ियाँ तैनात करते हैं या रूसी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई करते हैं, तो यह सीधा हमला माना जाएगा और रूस इसका कड़ा जवाब देगा। राष्ट्रपति पुतिन भी कई बार कह चुके हैं कि रूस संघर्ष नहीं चाहता, लेकिन “उकसावे” को बर्दाश्त नहीं करेगा।
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