मास्को: रूस के रक्षा मंत्रालय ने 31 दिसंबर 2025 को एक वीडियो फुटेज जारी कर बड़ा दावा किया है। वीडियो में एक गिराए गए ड्रोन के अवशेष दिखाए गए हैं, जिसे मंत्रालय ने यूक्रेन द्वारा राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नोवगोरोड क्षेत्र स्थित निवास पर किए गए कथित हमले का सबूत बताया है। रूस का कहना है कि यह वीडियो कीव के इनकार को सीधे चुनौती देता है और ऐसे समय सामने आया है, जब यूक्रेन संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति प्रयास चल रहे हैं। इस दावे ने एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध में तनाव को तेज कर दिया है।
बर्फीले जंगल में ड्रोन मलबा और 6 किलो विस्फोटक का दावा
जारी किए गए वीडियो में रात के अंधेरे में बर्फ से ढके जंगल के बीच रूसी सैनिकों को ड्रोन के मलबे की जांच करते हुए देखा जा सकता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह यूक्रेन में बना “चाकलुन-वी” टोही और हमला करने वाला ड्रोन है, जिसमें करीब 6 किलोग्राम का विस्फोटक वारहेड लगा था। दावा किया गया है कि यह ड्रोन सैन्य कर्मियों के साथ-साथ नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया था। वीडियो में ड्रोन का पूंछ वाला हिस्सा क्षतिग्रस्त जरूर दिखता है, लेकिन बाकी ढांचा काफी हद तक सुरक्षित है, जिससे उसके तकनीकी विश्लेषण की संभावना बनी। इसके साथ ही कमांड सेंटर के क्लिप भी दिखाए गए हैं, जहां रडार पर संदिग्ध लक्ष्यों की पहचान कर उन्हें नष्ट किए जाने के दृश्य मौजूद हैं।
91 ड्रोन, नक्शे और पुतिन-ट्रंप बातचीत का खुलासा
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह घटना 28 और 29 दिसंबर 2025 की रात की है, जब उत्तरी यूक्रेन से कुल 91 लंबी दूरी के ड्रोनों को लॉन्च किया गया। इनमें से 41 ड्रोन नोवगोरोड ओब्लास्ट के वाल्डाई जिले में एक संरक्षित इलाके के पास गिराए गए, जिसे रूस राष्ट्रपति निवास बताता है। मंत्रालय द्वारा जारी नक्शों में ड्रोन के उड़ान मार्ग दिखाए गए हैं, जिनमें ब्रांस्क क्षेत्र में 49, स्मोलेंस्क में 1 और नोवगोरोड क्षेत्र में कई ड्रोन रोके जाने का दावा किया गया है। रूस ने इसे “कीव शासन द्वारा राष्ट्रपति के निवास पर नियोजित आतंकवादी हमले का अकाट्य सबूत” करार दिया है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की द्वारा हमले से इनकार किए जाने पर रूसी रक्षा मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ज़ेलेंस्की या तो वास्तविक स्थिति से अनजान हैं या फिर हमेशा की तरह झूठ बोल रहे हैं। क्रेमलिन ने इस कथित हमले को व्यापक भू-राजनीतिक साजिश से जोड़ा और दावा किया कि इसका मकसद न केवल पुतिन को निशाना बनाना था, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति मध्यस्थता कोशिशों को भी कमजोर करना था। क्रेमलिन के सहायक यूरी उशाकोव के अनुसार, पुतिन ने इस घटना की जानकारी ट्रंप को फोन पर दी, जिसे सुनकर ट्रंप कथित तौर पर स्तब्ध रह गए और नाराज़गी जताई।
हालांकि, यूक्रेन ने रूस के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। यूक्रेनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने वीडियो को “हास्यास्पद” बताते हुए कहा कि ऐसा कोई हमला हुआ ही नहीं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों, जिनमें रॉयटर्स और सीएनएन शामिल हैं, ने भी रूसी दावों पर संदेह जताया है, क्योंकि अब तक किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है और स्थानीय निवासियों ने भी किसी विस्फोट की आवाज सुनने की बात नहीं कही है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम शांति वार्ताओं को पटरी से उतारने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिससे अमेरिका की मध्यस्थता कोशिशों को झटका लगने और रूस-यूक्रेन के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है।