लखनऊ। उत्तर प्रदेश की रणजी टीम इस समय धरातल पर है, तो यह कहना गलत नहीं होगा। टीम रणजी ट्रॉफी में लगातार सुपर फ्लॉप हो रही है। लीग मैचों में उसका संघर्ष देखते ही बनता है। टीम सिर्फ लीग मैच ही खेल पाती है और नॉकआउट में पहुंचने का सपना हकीकत में नहीं बदल रहा है।
ऐसा नहीं है कि यूपी क्रिकेट के पास अच्छे खिलाड़ी नहीं हैं, लेकिन उस टैलेंट का सही उपयोग नहीं हो रहा; शायद यूपीसीए यहीं पर चूक रहा है। हर साल टीम में बदलाव के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव किया जाता है, लेकिन उसका रिजल्ट शून्य ही आता है।
मौजूदा रणजी सत्र में यूपी की टीम पहले ही बाहर हो चुकी है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश की टीम को झारखंड जैसी कमजोर टीम के आगे सरेंडर करना पड़ा और पारी की हार का सामना करना पड़ा। अंक तालिका में यूपी चौथे नंबर पर है, लेकिन नॉकआउट में पहुंचना अब संभव नहीं है। एक बार फिर यूपी की टीम रणजी के फलक से बाहर हो गई है।
यूपी ने अंतिम बार 2005‑06 में, यानि 25 साल पहले, रणजी ट्रॉफी जीती थी। मोहम्मद कैफ की कप्तानी में यूपी क्रिकेट स्वर्णिम दौर में रहा। उनकी कप्तानी में यूपी की टीम ने रणजी का खिताब जीता और कई मौकों पर नॉकआउट में भी पहुंची। उस समय राजिंदर सिंह हंस की कोचिंग में टीम ने रणजी का पहला खिताब जीता था।
उत्तर प्रदेश की रणजी टीम में कोचिंग को लेकर लगभग हर सीजन बदलाव देखने को मिलता रहा है। राजिंदर सिंह हंस के बाद ज्ञानेंद्र पांडेय ने मोहम्मद कैफ के साथ मिलकर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बाद जो भी कोच नियुक्त हुए, उन्होंने यूपी क्रिकेट के लिए कोई खास परिणाम नहीं दिखाया।
जहां एक ओर राजिंदर सिंह हंस की कोचिंग में यूपी ने रणजी का खिताब जीता, वहीं ज्ञानेंद्र पांडेय की कोचिंग में टीम 2008 में उपविजेता रही। इसके बाद यूपी क्रिकेट के लिए कहानी अंधेरी रात की तरह रही; टीम नॉकआउट तक नहीं पहुंच पाई।
UPCA हर सीजन में बदलाव करने में सक्रिय रहा। बीच में बाहरी कोच भी खूब अजमाए गए जिनमें वेंकटेश्वर प्रसाद से लेकर मनोज प्रभाकर तक का नाम शामिल है। लेकिन सभी रणजी के फलक पर यूपी को चमकाने में नाकाम रहे।
| क्रम | कोच का नाम | कार्यकाल / अवधि | योगदान / प्रमुख बातें |
|---|---|---|---|
| 1 | राजिंदर सिंह हंस | 2001‑02 से 2006‑07 | टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी 2005‑06 में जीती; मोहम्मद कैफ की कप्तानी में स्वर्णिम दौर। |
| 2 | ज्ञानेंद्र पांडेय (पहली बार) | 2006‑2010 (लगभग) | टीम ने 2008 में रणजी ट्रॉफी में उपविजेता रही। मोहम्मद कैफ के साथ अच्छा प्रदर्शन। |
| 3 | वेंकटेश्वर प्रसाद | लगभग 2012 | यूपी टीम के कोच; घरेलू प्रदर्शन ठीक रहा लेकिन कोई बड़ी सफलता नहीं। |
| 4 | रिजवान शमशाद | 2013‑2015 (लगभग) | पूर्व यूपी बल्लेबाज; टीम के युवा खिलाड़ियों के विकास में भूमिका। |
| 5 | मनोज प्रभाकर | 2016 | कोच नियुक्त; लगभग 1 साल बाद इस्तीफा। टीम का प्रदर्शन सीमित। |
| 6 | ज्ञानेंद्र पांडेय (दूसरी बार) | 2017‑2019 (लगभग) | टीम की लय में सुधार की कोशिश; लेकिन बड़े खिताब तक नहीं पहुँची। |
| 7 | विजय दहिया | 2021‑2022 | हेड कोच; टीम का नेतृत्व किया। |
| 8 | सुनील जोशी | 2023‑2024 | पूर्व भारतीय स्पिनर; टीम को नई रणनीति देने की कोशिश। |
| 9 | अरविंद कपूर | 2025‑वर्तमान | वर्तमान हेड कोच; साथ में मोहम्मद आमिर खान डिप्टी कोच। टीम को नई दिशा देने में लगे। |
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