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बारिश, जलभराव और बढ़ती नमी… लुधियाना में फिर लौट रहा डेंगू-मलेरिया का खतरा? 2025 के बाद इस साल फिर बढ़ी चिंता

लुधियाना में मच्छरों से फैलने वाली बीमारी ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में मलेरिया के दो और डेंगू का एक मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। साथ ही दो जगहों पर मच्छरों के लार्वा भी मिले हैं, जो आने वाले समय में संक्रमण फैलने के संकेत माने जा रहे हैं।

मौसम और जलभराव बना वजह

विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्म और नमी वाला मौसम मच्छरों के पनपने के लिए सबसे अनुकूल होता है। अचानक बारिश और जलभराव जैसे हालात शहरी इलाकों में मच्छरों के पनपने को बढ़ावा देते हैं। यही वजह है कि डेंगू और मलेरिया जैसे रोग एक साथ तेजी से फैलने लगते हैं।

डेंगू और मलेरिया में फर्क समझना जरूरी

हालांकि दोनों बीमारियां मच्छरों के काटने से होती हैं, लेकिन इनके कारण अलग होते हैं। मलेरिया एक परजीवी (parasites) प्लास्मोडियम (Plasmodium)  से होता है, जबकि डेंगू एक वायरस के कारण फैलता है। लक्षणों की बात करें तो दोनों में बुखार, कमजोरी और शरीर दर्द जैसे लक्षण मिलते-जुलते होते हैं, जिससे सही पहचान में देरी हो सकती है। डेंगू में प्लेटलेट्स तेजी से गिर सकते हैं, जबकि मलेरिया में ठंड लगना और फ्लू जैसे लक्षण ज्यादा दिखाई देते हैं।

गलत इलाज का खतरा

लक्षणों की समानता के कारण कई बार मरीजों को सही समय पर सही इलाज नहीं मिल पाता। इससे बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बुखार को नजरअंदाज न करें और तुरंत ब्लड टेस्ट कराकर सही बीमारी की पहचान करें।

पिछले साल के आंकड़े भी चेतावनी

पिछले साल लुधियाना में मलेरिया के 128 मामले सामने आए थे, जो 2014 के बाद सबसे ज्यादा थे। वहीं डेंगू के मामलों में भी करीब 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। ऐसे में इस साल शुरुआत में ही मामले सामने आना चिंता का विषय है।

लार्वा मिलने से बढ़ी चिंता

स्वास्थ्य विभाग की तरफ से की गई जांच में सैकड़ों घरों की जांच के दौरान दो स्थानों पर मच्छरों के लार्वा पाए गए हैं। इससे साफ है कि संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है।

जागरूकता और रोकथाम पर जोर

स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। मार्च तक 169 कैंप लगाए जा चुके हैं और हजारों पंपलेट और पोस्टर बांटे गए हैं। हालांकि, मच्छरों की रोकथाम के लिए जरूरी स्टाफ की कमी अभी भी बनी हुई है।

क्या करें बचाव के लिए?

विशेषज्ञों का कहना है कि घर के आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर और टंकियों को साफ रखें और मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। समय रहते सावधानी ही इन बीमारियों से बचाव का सबसे कारगर तरीका है।

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