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रायबरेली में राहुल का सियासी संदेश: मनरेगा बचाओ अभियान, अखिलेश के साथ पोस्टर्स में दिखी इंडिया गठबंधन की झलक

रायबरेली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। इस दौरे का फोकस साफ है—केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा (MGNREGA) को खत्म करने की कथित तैयारी और उसकी जगह लाए जा रहे विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी वीबी-जी राम जी एक्ट के खिलाफ कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान।

दौरे के पहले ही दिन राहुल गांधी ने सीधे गांवों का रुख किया और मजदूरों, किसानों व पंचायत प्रतिनिधियों से आमने-सामने बातचीत की। उनका जोर इस बात पर रहा कि मनरेगा सिर्फ रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों की आर्थिक सुरक्षा की रीढ़ है।

गांव की चौपाल से युवाओं के मैदान तक

लखनऊ से रायबरेली पहुंचने के बाद राहुल गांधी भुएमऊ गेस्ट हाउस में रुके। इसके बाद आज सुबह उन्होंने रोहनिया, ऊंचाहार में आयोजित मनरेगा चौपाल’ में हिस्सा लिया। यहां ग्राम पंचायत पदाधिकारी, दिहाड़ी मजदूर और किसान बड़ी संख्या में पहुंचे। चौपाल में मनरेगा में प्रस्तावित बदलावों पर नाराजगी जाहिर की गई और ग्रामीण रोजगार को कमजोर न करने की मांग उठी। राहुल गांधी ने लोगों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाएगी।

इसके बाद राहुल गांधी आईआईटी कॉलोनी स्थित राजीव गांधी स्टेडियम पहुंचे, जहां यूथ स्पोर्ट्स एकेडमी द्वारा आयोजित रायबरेली प्रीमियर लीग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। यहां उन्होंने युवाओं से भी संवाद किया और सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के तहत कुछ विकास कार्यों का शुभारंभ किया।

पोस्टर्स ने बढ़ाई सियासी चर्चा

राहुल गांधी के दौरे से पहले ही रायबरेली की सड़कों पर लगे पोस्टर्स ने सियासी माहौल गर्म कर दिया। इन पोस्टर्स में राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को 2027 और 2029 के लिए इंडिया गठबंधन के ‘कप्तान’ के रूप में दिखाया गया है। इसे विपक्षी एकता और आने वाले चुनावों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

दौरे का सियासी महत्व

यह दौरा राहुल गांधी के चुनाव जीतने के बाद रायबरेली में सबसे अहम दौरों में से एक माना जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि नया वीबी-जी राम जी एक्ट मनरेगा को धीरे-धीरे कमजोर करेगा, जबकि केंद्र सरकार इसे ज्यादा प्रभावी रोजगार योजना बता रही है। राहुल गांधी ने भाजपा के प्रभाव वाले इलाकों में चौपाल लगाकर साफ संकेत दिया है कि कांग्रेस ग्रामीण मुद्दों पर सीधे जनता से जुड़ने की रणनीति पर चल रही है।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष पंकज तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी के इस दौरे से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह आया है और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा। दौरे के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, वहीं जगह-जगह कांग्रेस कार्यकर्ता झंडे और नारों के साथ राहुल गांधी का स्वागत करते नजर आए।

बुधवार को राहुल गांधी पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थानीय मुद्दों की समीक्षा करेंगे। कुल मिलाकर, रायबरेली का यह दौरा सिर्फ कार्यक्रमों तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण राजनीति और आने वाले सियासी समीकरणों की दिशा भी तय करता नजर आ रहा है।

news desk

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