आईपीएल 2026 (IPL 2026) का रोमांचक सीजन खत्म हो चुका है और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के फैंस एक बार फिर जश्न में डूबे हैं क्योंकि ट्रॉफी लगातार दूसरी बार आरसीबी के हाथों में है।
हर तरफ विराट कोहली की चमक, युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारियों और नए सितारों की चर्चा हो रही है। लेकिन इस पूरे शोर-शराबे के बीच एक ऐसा नाम है जो इस ऐतिहासिक खिताबी जीत का सबसे बड़ा ‘मास्टरमाइंड’ है, मगर फिर भी वह सुर्खियों के केंद्र से गायब है। वे हैं आरसीबी के शांत कप्तान रजत पाटीदार।
33 वर्षीय पाटीदार ने अपनी कप्तानी और बल्ले के दम पर इतिहास रच दिया है, लेकिन उनका अंदाज बिना किसी शोर-शराबे के सिर्फ बल्ले से जवाब देने का है।
सीजन में भले ही वैभव सूर्यवंशी की 97 रनों की पारी सबसे ज्यादा चर्चा में रही हो, लेकिन प्लेऑफ के दबाव और इम्पैक्ट के मामले में कप्तान रजत पाटीदार की पारी आईपीएल इतिहास की सबसे खतरनाक पारियों में शुमार हो गई है।
रजत पाटीदार अब सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि आईपीएल के सबसे सफल कप्तानों की कतार में खड़े हो गए हैं।आईपीएल के इतिहास में लगातार दो बार अपनी टीम को फाइनल जिताने और ट्रॉफी उठाने वाले कप्तानों की सूची में अब पाटीदार का नाम महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों के साथ दर्ज हो चुका है।
फाइनल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ उनका टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला बेहद जोखिम भरा माना जा रहा था, लेकिन उनके सटीक फील्ड प्लेसमेंट और डेथ ओवरों में सही गेंदबाजों के इस्तेमाल ने जीटी को बड़े स्कोर से रोक दिया और आरसीबी ने आसानी से लगातार दूसरा खिताब अपने नाम कर लिया. जिस बेंगलुरु को पहली ट्रॉफी के लिए 18 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा था, उसे पाटीदार ने बैक-टू-बैक दो बार चैंपियन बना दिया।
एक कप्तान की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ पाटीदार इस सीजन के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक रहे..
रजत पाटीदार की इस अविश्वसनीय कहानी का सबसे बड़ा और कड़वा सच यही है कि जो कप्तान अपनी टीम को लगातार दो आईपीएल ट्रॉफी दिला चुका है, जिसने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाई हैं, वह आज भी भारतीय टी20 टीम में अपने डेब्यू का इंतजार कर रहा है. (पाटीदार भारत के लिए 1 वनडे और 3 टेस्ट मैच खेल चुके हैं )
क्रिकेट गलियारों में अब यह बड़ा सवाल गूंज रहा है कि क्या सिर्फ कैमरों और सोशल मीडिया के शोर से दूर रहने और शांत स्वभाव के होने के कारण पाटीदार को वो लाइमलाइट और श्रेय नहीं मिल पा रहा है जिसके वे हकदार हैं?
रजत पाटीदार का अंडरडॉग से आरसीबी का किंग बनने का सफर किसी फिल्मी कहानी जैसा है:
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