लखनऊ प्रीमियर लीग की नीलामी ने क्रिकेट जगत में भूचाल ला दिया है। स्थानीय खिलाड़ियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आया है। उनका आरोप है कि नीलामी में क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ ने बाहरी खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी, जबकि अपनी ही ज़मीन की प्रतिभा को अनदेखा किया गया। इस वजह से कई स्थानीय क्रिकेटर्स न केवल निराश हैं, बल्कि सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
स्थानीय खिलाड़ी सवाल उठाते हैं कि अगर अपनी टीम में ही अपने हीरो नहीं खेलेंगे तो लखनऊ प्रीमियर लीग का असली मकसद क्या रह जाएगा? क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ फिलहाल इस विरोध के सामने बेबस दिखाई दे रहा है। खिलाड़ियों का कहना है कि यह सिर्फ व्यक्तिगत गुस्सा नहीं, बल्कि लखनऊ की युवा क्रिकेट प्रतिभा की लड़ाई है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
विरोध प्रदर्शन में खिलाड़ी CAL के कार्यालय तक पहुंच गए, जहां बीबीडी बैडमिंटन अकादमी का गेट बंद कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने लखनऊ क्रिकेट एसोसिएशन के हेड नवनीत सहगल और खलीक अहमद के खिलाफ ‘मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए।
स्थिति को काबू में करने के लिए लीग के कमिश्नर एसपी मिश्र भी मौके पर पहुंचे और खिलाड़ियों से बातचीत करने की कोशिश की। लेकिन स्थानीय क्रिकेटरों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। उनका कहना है कि LPL का मकसद सिर्फ बाहरी खिलाड़ियों को मौका देना नहीं, बल्कि लखनऊ की अपनी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना होना चाहिए। इस दौरान खिलाड़ियों और कमिश्नर के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली, जिस वजह से उन्हें वहां से हटना पड़ा।
खिलाड़ियों की मांगें इस प्रकार हैं:
नीलामी के इस विवाद ने पूरे शहर में तहलका मचा दिया है, और अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ इस मुद्दे का समाधान कैसे करेगा।
इस प्रदर्शन में शामिल खिलाड़ी संघर्ष मोर्चा लखनऊ के सचिव अरशी रज़ा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आज प्रदर्शन में भारी संख्या में खिलाड़ियों की मौजूदगी यह स्पष्ट कर रही है कि इस लीग को लेकर आखिर क्यों सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर इसी तरह का विरोध आगे भी जारी रखेंगे।
अरशी रज़ा ने बताया कि जब तक लखनऊ के बच्चों का इसमें चयन नहीं होगा, एलपीएल के कमिश्नर को यहां आकर समझौता करना पड़ा, क्योंकि उन्हें क्रिकेट के मामलों की पर्याप्त जानकारी नहीं थी। पूरा बीबीडी क्रिकेट परिसर खिलाड़ियों से भर गया, जबकि संघ का कोई पदाधिकारी वहां आने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही इस लीग को निरस्त या सुधारित नहीं किया गया, तो आगे आंदोलन और भी बड़ा होगा। शहर के क्रिकेट क्लब और अकादमी में खिलाड़ियों को न्याय नहीं मिलता है, तो संघर्ष और भी तीव्र हो जाएगा।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में वैश्विक…
पटना। भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और सिंगर पवन सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं।…
वॉशिंगटन: अमेरिका में शनिवार, 28 मार्च को ‘No Kings’ आंदोलन का तीसरा बड़ा राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन…
दक्षिणी Lebanon में युद्ध कवरेज कर रहे तीन पत्रकारों की इजरायली हमले में मौत हो…
30 मार्च से शुरू होने वाले हफ्ते (30 मार्च–5 अप्रैल 2026) में देशभर के सरकारी…
नई दिल्ली: Virat Kohli ने Indian Premier League में अपने प्रदर्शन से एक बार फिर…