प्रयागराज 2026 :तीर्थराज प्रयागराज के त्रिवेणी संगम तट पर पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर शनिवार को माघ मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद ब्रह्म मुहूर्त से ही लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में पुण्य की डुबकी लगाने पहुंचे। पहले मुख्य स्नान पर्व पर सुबह से ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा, और शाम तक 25-30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान है।
महाकुंभ 2025 की भव्य सफलता के बाद यह पहला माघ मेला है, इसलिए मेला प्रशासन और प्रदेश सरकार को श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि की उम्मीद है। पूरे 44 दिवसीय मेले (3 जनवरी से 15 फरवरी 2026, महाशिवरात्रि तक) में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक संगम स्नान करने पहुंच सकते हैं। इस अनुमान को देखते हुए तैयारियां महाकुंभ मॉडल पर की गई हैं। मेला क्षेत्र को 800 हेक्टेयर तक विस्तारित किया गया है, और गंगा पर पंटून पुलों की संख्या बढ़ाकर 9 कर दी गई है, ताकि भीड़ का सुगम प्रबंधन हो सके।
मेला अधिकारी ऋषि राज ने बताया कि सभी घाटों पर स्नान सुचारू रूप से चल रहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं – 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात, 400 से ज्यादा AI-इनेबल्ड CCTV कैमरे, ड्रोन निगरानी और जल पुलिस की टीमें। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 30 से अधिक एम्बुलेंस और मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। कल्पवासियों के लिए बिजली, पानी और राशन की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस बार 20-25 लाख कल्पवासी एक माह का कठिन व्रत रखेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर सभी श्रद्धालुओं, साधु-संतों और कल्पवासियों का स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाने आए सभी पूज्य साधु-संतों और कल्पवासियों का हार्दिक अभिनंदन।”
मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और यात्रा से पहले मौसम अपडेट चेक करें। प्रमुख स्नान पर्वों – मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (18 जनवरी), बसंत पंचमी (23 जनवरी), माघ पूर्णिमा (1 फरवरी) और महाशिवरात्रि (15 फरवरी) पर विशेष व्यवस्थाएं रहेंगी। माघ मेला सनातन संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत कर रहा है, जहां आस्था, त्याग और एकता का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है।