ढाका / नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा इस वर्ष के अंत तक बांग्लादेश लौटने के ऐलान के बाद देश की राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार ने इस घोषणा के बाद आनन-फानन में राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन पर पद छोड़ने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेशी राष्ट्रपति कार्यालय के सूत्रों ने पुष्टि की है कि सरकार ने राष्ट्रपति शहाबुद्दीन को अगस्त 2026 तक इस्तीफा देने की मोहलत दी है, जबकि उनका आधिकारिक कार्यकाल 2028 तक है।
राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को पद से हटाने के फैसले के पीछे तीन मुख्य राजनीतिक कारण देखे जा रहे हैं:
अगस्त 2024 में व्यापक जनआंदोलन और तख्तापलट के बाद 79 वर्षीय शेख हसीना को ढाका छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी। इसके बाद अंतरिम व्यवस्था और फरवरी 2026 में हुए आम चुनावों के बाद तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हुआ।
हसीना के इस रुख ने ढाका के सियासी गलियारों में नई घबराहट पैदा कर दी है, जिसकी पहली गाज अब राष्ट्रपति शहाबुद्दीन पर गिरती नजर आ रही है।
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