देश के नए मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। बुधवार को इस संबंध में चयन समिति की अहम बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी शामिल रहे। इसी के बाद नए CIC (Chief Information Commissioner) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय सूचना आयोग में आठ पदों के खाली रहने को लेकर भी समिति में चर्चा हुई है। इन सभी नियुक्तियों पर अंतिम निर्णय चयन समिति ही करेगी।
इससे पहले सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया था कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति आज शीर्ष पदों के लिए अधिकारियों का चयन करेगी।
गौरतलब है कि सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) की धारा 12(3) के तहत चयन समिति का गठन होता है। इसमें—
प्रधानमंत्री समिति के अध्यक्ष होते हैं
लोकसभा में विपक्ष के नेता सदस्य होते हैं
प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्री भी समिति में शामिल होता है
यही समिति मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के नामों का चयन और सिफारिश करती है। आरटीआई कानून के अनुसार, केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) में एक मुख्य सूचना आयुक्त और 10 सूचना आयुक्त होने चाहिए। ये अधिकारी उन शिकायतों और अपीलों पर फैसला देते हैं, जो लोग अपने आरटीआई मामलों में सरकारी विभागों के असंतोषजनक जवाब मिलने पर दायर करते हैं।
CIC की वेबसाइट के मुताबिक, आयोग के पास फिलहाल 30,838 मामले लंबित हैं। आयोग में अब केवल दो सूचना आयुक्त आनंदी रामलिंगम और विनोद कुमार तिवारी ही बचे हैं, जबकि आठ पद खाली पड़े हैं।
आयोग के आखिरी मुख्य सूचना आयुक्त हीरालाल समरिया थे, जो 65 वर्ष की आयु पूरी होने पर 13 सितंबर को रिटायर हो गए। उन्हें 6 नवंबर 2023 को मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया था।