मुंबई: फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में सह-पायलट के हमले के बाद बड़ी त्रासदी को टालने वाले कैप्टन स्मित मच्छार के मुंबई स्थित घर के बाहर गुरुवार को बड़ी संख्या में लोग जुटे। तिलकनगर स्थित स्वास्तिक हाइट्स के बाहर लोगों ने हाथों में तिरंगा और कैप्टन मच्छार की तस्वीरें लेकर ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। लोगों ने उनके साहस की सराहना करते हुए शौर्य चक्र जैसे वीरता पुरस्कार या भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग की।
पीटीआई के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात से इजराइल के तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान में 174 यात्री सवार थे। सह-पायलट की ओर से विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश के बीच कैप्टन मच्छार ने स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई। घटना के बाद घायल हुए मच्छार के जल्द स्वस्थ होने के लिए भी लोगों ने प्रार्थना की।
तिलकनगर में कैप्टन मच्छार के आवास के बाहर जुटे लोगों ने हाथों में उनकी तस्वीरें ले रखी थीं। कई लोगों ने तिरंगा लहराया और देशभक्ति के नारे लगाए। इलाके में लगे बैनर के जरिए भी उनके प्रति सम्मान जताया गया।
इस दौरान लोगों ने कैप्टन मच्छार के साहस और सूझबूझ की तारीफ की। प्रदर्शन में शामिल कई लोगों ने मांग की कि यात्रियों की जान बचाने के लिए दिखाई गई उनकी बहादुरी को देखते हुए उन्हें देश के किसी बड़े वीरता या नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाए।
कैप्टन मच्छार के पड़ोसी दौलतभाई वोरा भी उनके घर के बाहर जुटी भीड़ में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वह स्मित को बचपन से जानते हैं और उनका परिवार उनके बेहद करीब रहा है।
वोरा ने बताया कि वह कुछ समय तक स्मित के पिता के साथ कारोबार में भी जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने दोनों बेटों की बहुत अच्छी परवरिश की है और स्मित ने जो हासिल किया है, उस पर परिवार और पड़ोसियों को गर्व है।
उनके मुताबिक, कैप्टन मच्छार के धैर्य और सूझबूझ की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।
कैप्टन मच्छार के बचपन के दोस्त प्रतीक गांधी ने उन्हें महत्वाकांक्षी होने के साथ-साथ जमीन से जुड़ा हुआ व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि मच्छार कठिन और तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी अपने शांत स्वभाव और संयम के लिए जाने जाते हैं।
क्रिकेट में उनके साथ खेल चुके दोस्त अमित सोनी ने भी मच्छार को बेहद हंसमुख इंसान बताया। सोनी के मुताबिक, कैप्टन मच्छार अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ दुबई में रहते हैं, जबकि उनके माता-पिता मुंबई के इसी आवासीय परिसर में रहते हैं।
सोनी ने कहा कि मुंबई के लोगों को कैप्टन मच्छार पर गर्व है और अगली बार उनके शहर लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी कि कैप्टन मच्छार उत्तर-पश्चिम सऊदी अरब के तबूक शहर के एक अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें जरूरी उपचार दिया जा रहा है।
भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारत का महावाणिज्य दूतावास उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रहे हैं और उनके परिवार के संपर्क में हैं। मुंबई में उनके माता-पिता के घर के बाहर भी उनके सम्मान में एक बैनर लगाया गया है।
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