पवार राजनीति में बदलाव और अडानी की तारीफ
महाराष्ट्र की राजनीति में हाल ही में बारामती से सामने आई एक तस्वीर ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। 28 दिसंबर 2025 को पुणे के बारामती में शरद पवार, सुप्रिया सुले और अजित पवार एक ही मंच पर नजर आए। इसी मंच से सुप्रिया सुले ने उद्योगपति गौतम अडानी को सार्वजनिक रूप से “बड़ा भाई” कह दिया। यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब अडानी कांग्रेस और INDIA गठबंधन के बड़े हमलों का केंद्र बने हुए हैं। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह सिर्फ एक औपचारिक बयान था या इसके पीछे किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की आहट छिपी है।
अडानी, पवार परिवार और AI सेंटर: तारीफों के सियासी मायने
असल में यह मौका बारामती में शरदचंद्र पवार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उद्घाटन का था। इस सेंटर को अडानी ग्रुप ने फंड किया है और इसे पवार परिवार से जुड़े विद्या प्रतिष्ठान के तहत संचालित किया जाएगा। समारोह में शरद पवार, सुप्रिया सुले, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, सुनेत्रा पवार के साथ गौतम अडानी और उनकी पत्नी प्रीति अडानी भी मौजूद थीं। मंच से पवार परिवार ने अडानी की खुलकर तारीफ की। सुप्रिया सुले ने उनके संघर्ष की बात की और 30 साल पुराने पारिवारिक रिश्तों का जिक्र किया। शरद पवार ने अडानी के सफर को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया, वहीं गौतम अडानी ने शरद पवार को अपना “मेंटर” कहकर सम्मान दिया।
अमित शाह से मुलाकात, पारिवारिक गठबंधन और INDIA पर असर
राजनीति यहीं थमी नहीं। अडानी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार हमलावर हैं, ऐसे में सुले का यह बयान और ज्यादा चर्चा में आ गया। इसी बीच दिसंबर में सुप्रिया सुले की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पार्टी सांसदों के साथ मुलाकात भी हुई थी। भले ही इसे राज्य से जुड़े मुद्दों की बैठक बताया गया हो, लेकिन इसकी टाइमिंग पर सवाल उठे। इससे पहले भी ईवीएम और वीवीपैट जैसे मुद्दों पर सुले कांग्रेस के रुख से अलग नजर आ चुकी हैं।
इसके साथ ही एनसीपी के दोनों गुटों शरद पवार और अजित पवार के बीच नजदीकियां भी बढ़ती दिखीं। एनसीपी विभाजन के बाद दोनों के रिश्तों में तल्खी थी, लेकिन अब पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों के लिए गठबंधन तय हो चुका है। अजित पवार ने इसे “परिवार की एकजुटता” बताया, हालांकि रोहित पवार ने साफ किया कि यह गठबंधन केवल इन दो निकाय चुनावों तक सीमित है, किसी पूर्ण विलय का संकेत नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अडानी की तारीफ, अमित शाह से मुलाकात और दोनों गुटों का चुनावी साथ आना- ये सभी घटनाएं मिलकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दे रही हैं। इसका असर INDIA गठबंधन पर पड़ सकता है, जो पहले ही महाराष्ट्र में दबाव में है। कुल मिलाकर, शरद पवार एक बार फिर राज्य की राजनीति में किंगमेकर की भूमिका में मजबूत होते नजर आ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है।…
मशहूर रैपर और सिंगर “बादशाह” अपने नए हरियाणवी गाने 'टटीरी' (Tateeree) को लेकर बड़ी कानूनी…
लखनऊ में आज सुबह एक बड़ा हवाई हादसा होते-होते टल गया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री…
ईरान की सियासत में इन दिनों जबरदस्त हलचल मची हुई है। सुप्रीम लीडर Ali Khamenei…
मलयालम सिनेमा के दो 'GOATs Superstarts “ममूटी और मोहनलाल” करीब 10 साल बाद स्क्रीन शेयर…
होली के त्यौहार से ठीक पहले आम जनता की रसोई का बजट बिगड़ गया है।…