नई दिल्ली: 30 जुलाई 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। पंचांग के अनुसार आज श्रवण नक्षत्र और शोभन योग का संयोग बन रहा है, जिसे शुभ कार्यों, पूजा-पाठ, निवेश, शिक्षा और नई शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है। गुरुवार भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की उपासना का दिन माना जाता है। वहीं श्रावण मास होने के कारण भगवान शिव की आराधना का भी विशेष महत्व है। आइए जानते हैं 30 जुलाई 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिनभर के प्रमुख योग।
30 जुलाई 2026 का पंचांग
दिन: गुरुवार
तिथि: श्रावण कृष्ण प्रतिपदा
पक्ष: कृष्ण पक्ष
मास: श्रावण मास
विक्रम संवत: 2083
सूर्य राशि: कर्क
चंद्र राशि: मकर
ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्योदय: प्रातः 05:45 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:33 बजे
श्रावण कृष्ण प्रतिपदा का महत्व
श्रावण कृष्ण प्रतिपदा को नए कार्यों की योजना, धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए शुभ माना जाता है। पूर्णिमा के बाद कृष्ण पक्ष की शुरुआत होने के कारण यह दिन आत्मचिंतन, भविष्य की योजनाएं बनाने और सकारात्मक संकल्प लेने के लिए भी उपयुक्त माना जाता है।
श्रवण नक्षत्र का प्रभाव
आज पूरे दिन श्रवण नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। यह नक्षत्र भगवान विष्णु से संबंधित माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस नक्षत्र में शिक्षा, धार्मिक कार्य, यात्रा, महत्वपूर्ण निर्णय और नए कार्यों की शुरुआत करना शुभ माना जाता है। यह नक्षत्र ज्ञान, प्रतिष्ठा और उन्नति का प्रतीक भी माना जाता है।
शोभन योग से बनेंगे शुभ संयोग
30 जुलाई को शोभन योग का संयोग भी बन रहा है। इस योग को मांगलिक कार्य, व्यापार, निवेश, शिक्षा, धार्मिक अनुष्ठान और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में शुरू किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है।
आज के करण
आज कौलव करण और तैतिल करण रहेंगे। पंचांग के अनुसार दोनों करण व्यापार, निवेश, यात्रा, शिक्षा और सामान्य शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:04 बजे से 12:56 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:47 बजे से 03:43 बजे तक
अमृत काल: प्रातः 09:10 बजे से 10:45 बजे तक
राहुकाल और अन्य अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक
यमगण्ड काल: प्रातः 06:00 बजे से 07:30 बजे तक
गुलिक काल: प्रातः 09:00 बजे से 10:30 बजे तक
गुरुवार का धार्मिक महत्व
गुरुवार भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है। श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना के साथ भगवान विष्णु की उपासना करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ, शिवलिंग का जलाभिषेक और केले के वृक्ष की पूजा करने से सुख, समृद्धि, ज्ञान और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
गुरुवार के उपाय
गुरुवार के दिन भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करें। भगवान विष्णु को तुलसी दल और पीले पुष्प अर्पित करें। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। पीली दाल, हल्दी, केले या पीले वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना और गुरुजनों का सम्मान करना भी शुभ फलदायी माना गया है।
नई दिल्ली। देश भर में मानसून एक बार फिर बेहद आक्रामक रूप में नजर आ…
कोरियन ड्रामा यानी K-Drama का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में रोमांटिक कहानियां…
अटलांटिक महासागर के ऊपर उड़ान भर रही अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट में उस वक्त हड़कंप…
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की ताजा जारी वनडे रैंकिंग में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान…
संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में भारी हंगामे और राजनीतिक विरोध के बीच…
नई दिल्ली: 30 जुलाई 2026, गुरुवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग संकेत…