पाली / जयपुर। राजस्थान निकाय चुनावों के नतीजों में पाली नगर निगम क्षेत्र से एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर सामने आया है। राज्य भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का गृह जिला होने के बावजूद, पाली नगर निगम में कांग्रेस ने मजबूत बढ़त हासिल की है। पिछले 10 वर्षों से भाजपा के नियंत्रण वाली इस सीट पर अब शहरी सरकार से पार्टी का बाहर होना लगभग तय माना जा रहा है। पूर्व सीएम और पार्टी की कद्दावर नेता वसुंधरा राजे, पार्टी अध्यक्ष मदन राठौड़ के इलाकों में पार्टी को हार मिली है।
दूसरी तरफ झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस ने बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। वहीं खानपुर, भवानीमंडी और डग में भी कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया है। पिड़ावा में कांग्रेस सबसे बड़ा दल है, लेकिन यहां बोर्ड गठन के लिए दूसरे दलों और निर्दलीयों की भूमिका अहम हो सकती है।
कुल 65 वार्डों वाले पाली नगर निगम में सीटों का गणित इस प्रकार है:
कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत का आंकड़ा (33) नहीं है, लेकिन 29 सीटें जीतकर वह सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई है। अब महापौर का पद पाने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों की नजरें 15 निर्दलीय पार्षदों के समर्थन पर टिकी हैं।
पाली चुनाव नतीजों में सबसे बड़ा झटका भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के गृह क्षेत्र में लगा। मदन राठौड़ का निवास पाली के वार्ड नंबर 23 में आता है। इस वार्ड में भाजपा प्रत्याशी खुशबू लोढ़ा को हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी ने जीत हासिल की। हालांकि, मदन राठौड़ का मूल गृहनगर सुमेरपुर है (जहां से वे दो बार विधायक रह चुके हैं), लेकिन पाली के वार्ड 23 में पार्टी की हार को राजनीतिक रूप से बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
चुनाव से ठीक पहले पाली की पूर्व महापौर रेखा राकेश भाटी और उनके पति राकेश भाटी भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। रेखा भाटी तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार के दौरान पाली को नगर परिषद से नगर निगम बनाए जाने के बाद पहली महापौर बनी थीं।
चुनाव में राकेश भाटी ने कांग्रेस के सिंबल पर जीत दर्ज की। नामांकन प्रक्रिया के दौरान सिंबल देरी से पहुंचने और पर्चे खारिज होने की वजह से कांग्रेस केवल 58 वार्डों पर ही चुनाव लड़ पाई थी। 58 में से 29 वार्डों पर जीत हासिल करना कांग्रेस के लिए बेहद प्रभावी प्रदर्शन माना जा रहा है।
पाली में नगर निगम बनने के बाद हुए इस चुनाव में कांग्रेस की बढ़त का असर प्रदेश की निकाय राजनीति पर पड़ेगा। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रभाव वाले झालावाड़ क्षेत्र में भी कांग्रेस ने अपनी स्थिति मजबूत की है।
पाली में महापौर की गद्दी किसके पास जाएगी, यह 12 से अधिक निर्दलीय पार्षदों के समर्थन पर निर्भर करेगा।
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