दोहा: कतर की राजधानी दोहा में हुई वार्ता के बाद आखिरकार पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तत्काल प्रभाव से सीजफायर लागू करने पर सहमति बन गई है. बीते दिनों दोनों देशों के बीच तनाव उस वक्त चरम पर पहुंच गया था जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल सहित कई इलाकों में हवाई हमले किए थे. इन हमलों में कम से कम 10 अफगान नागरिकों की मौत हो गई थी, जिनमें तीन क्रिकेटर भी शामिल थे.
कतर और तुर्की की मध्यस्थता से बनी बात
सूत्रों के मुताबिक, तुर्की और कतर की मध्यस्थता में चली इस बातचीत में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए.पाकिस्तान की ओर से रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और आईएसआई प्रमुख जनरल आसिम मलिक ने हिस्सा लिया, जबकि अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व उसके रक्षा मंत्री मोहम्मद याकूब ने किया. बैठक के बाद ख्वाजा आसिफ ने कहा कि ‘दोनों देशों ने आपसी संप्रभुता का सम्मान करने और सीमा पार से आतंकवादी गतिविधियों को रोकने पर सहमति जताई है.’
कतर के विदेश मंत्री ने इस वार्ता को “क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम कदम” बताया और कहा कि यह समझौता दक्षिण एशिया में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक था.
जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच अब 25 अक्टूबर को इस्तांबुल में अगली दौर की बातचीत होगी. माना जा रहा है कि इस बैठक में सीमाओं पर स्थायी शांति व्यवस्था और आतंकवाद के मुद्दे पर ठोस रणनीति तय की जाएगी.
आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
पाकिस्तान ने एक बार फिर आरोप लगाया कि अफगानिस्तान तहरीक-ए-तालिबान (TTP) को पनाह दे रहा है, जिसके जरिए पाकिस्तान में आतंकी हमले किए जाते हैं. हालांकि, अफगानिस्तान ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि तालिबान ने ही आईएसआईएस जैसे संगठनों को अपनी जमीन से खत्म करने में बड़ी भूमिका निभाई है.
सीजफायर के बावजूद दोनों देशों के बीच अविश्वास बरकरार है, लेकिन दोहा में हुई यह पहल आने वाले दिनों में दक्षिण एशिया में तनाव कम करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है.