गीतांजलि अंगमों ने अपने पति सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है. गीतांजलि अपने पति की गिरफ्तारी को लेकर चिंतिंत हैं. गीतांजिल ने सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉर्पस दायर किया है. उन्होने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की. सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर करने के अलावा गीताजंलि ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी गुहार लगाई हैं कि उनके पति को बिना शर्त रिहा किया जाए. गीताांजलि ने राष्ट्रपति को लिखे भावुक पत्र में आरोप लगाया है कि पिछले चार साल से उनके पति को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है और गलत तरीके से बदनाम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उन्हें तक यह नहीं मालूम कि उनके पति किस हालात में हैं.
राष्ट्रपति के नाम लिखा खत?
गीताांजलि ने पत्र में लिखा है कि ‘वांगचुक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने देश और समाज की सेवा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. वह लद्दाख की धरती को बचाने और उसकी रक्षा के लिए हमेशा खड़े रहे. ऐसे सच्चे देशभक्त को जेल में रखना न सिर्फ अन्याय है बल्कि राष्ट्र के लिए भी दुखद है’. उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की कि वह हस्तक्षेप कर उनके पति को तुरंत रिहा कराएं. अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर क्या फैसला सुनाता है और राष्ट्रपति भवन की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है.
लेह हिंसा के बाद सोमन वांगचुक NSA के तहत हुए थे गिरफ्तार लद्दाख में अपने अधिकारों की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन हिंसक हो गया था. लेह एपेक्स बॉडी (LAB) द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई. इस दौरान चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 90 से अधिक लोग घायल हो गए. लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन जारी है. प्रदर्शनकारियों की इसी मांग के बीच स्थिति बिगड़ गई और माहौल हिंसक हो गया. जिसके बाद 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया.