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नोएडा मजदूर हिंसा पर अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला, मजदूरों की सैलरी और संविधान दोनों मुद्दों पर घेरा

लखनऊ/नोएडा, 13 अप्रैल 2026 — नोएडा में मजदूरों के उग्र प्रदर्शन और आगजनी की घटना अब राजनीतिक रंग लेती दिख रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दूसरे राज्यों में मजदूरों की सैलरी बढ़ाई जा चुकी है, तो यूपी सरकार ने नोएडा के श्रमिकों की मांगों को समय रहते क्यों नहीं सुना। अखिलेश का कहना है कि अगर मजदूरों की वेतन बढ़ोतरी और बेहतर कामकाजी शर्तों पर पहले बात हो जाती, तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते।

मजदूरों की मांग नहीं सुनी, इसलिए भड़का गुस्सा: अखिलेश

अखिलेश यादव ने कहा – अन्याय, महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। नोएडा में जो कुछ हुआ उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की है। मजदूरों की मांग की सुनवाई क्यों नहीं हुई? जब दूसरे प्रदेशों में मजदूरों का वेतन बढ़ गया, तो उत्तर प्रदेश सरकार पीछे क्यों है?”

उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी नीतियां केवल बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाली हैं, जबकि फैक्ट्रियों में काम करने वाले सामान्य मजदूरों और कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। अखिलेश ने कहा कि महंगाई के दौर में 10-12 हजार रुपये में परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो चुका है, इसलिए मजदूरों की नाराजगी स्वाभाविक है। उनका दावा है कि अब वेतनभोगी वर्ग और कर्मचारी भी भाजपा से दूरी बनाने लगे हैं।

महिला आरक्षण से लेकर संविधान तक BJP पर साधा निशाना

नोएडा मजदूर आंदोलन के मुद्दे के साथ अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत महिलाओं को वास्तव में आरक्षण देने की नहीं दिखती, क्योंकि इसके लिए पहले जनगणना और डिलीमिटेशन जरूरी है। बिना सीटों के नए निर्धारण के आरक्षण की बात करना सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी है।

अखिलेश ने भाजपा पर संविधान की मूल भावना से हटने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के दिए संविधान को बदलना चाहते हैं और अपने मन से व्यवस्था चलाना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का सही रास्ता नई जनगणना, उसके बाद परिसीमन और फिर सीटों का स्पष्ट निर्धारण है।

फिलहाल नोएडा में मजदूर आंदोलन से NCR का ट्रैफिक सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हुआ है और विपक्ष इसे श्रमिक विरोधी नीतियों से जोड़कर सरकार को घेर रहा है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मजदूरों को उचित वेतन और सम्मान मिलना चाहिए, लेकिन हिंसा और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में यह मुद्दा अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बहस का विषय बनता दिख रहा है।

news desk

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