नई दिल्ली। संसद में चल रहे बजट सत्र के बीच ब्रेक के बाद आज एक बार फिर दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हो रही है। हालांकि इस दौरान हंगामे के आसार भी बने हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, विपक्ष इस बार लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को हटाने की तैयारी में है।
संसदीय सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष इस मुद्दे पर लाए गए औपचारिक प्रस्ताव पर चर्चा की मांग करेगा। माना जा रहा है कि इस प्रस्ताव को लेकर सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो सकती है।
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में लोकसभा में बड़ा राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है। विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla के खिलाफ प्रस्ताव लाने का फैसला किया है, जिस पर सोमवार को सदन में चर्चा होने की संभावना है।
कौन पेश करेगा प्रस्ताव
संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju के मुताबिक यह प्रस्ताव सदन में कांग्रेस के तीन सांसद — Mohammed Javed, K. Suresh और Mallu Ravi — पेश करेंगे। विपक्ष का कहना है कि सदन की कार्यवाही के दौरान कई मौकों पर विपक्षी नेताओं को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया और कुछ विपक्षी महिला सांसदों पर भी अनुचित टिप्पणी की गई।
स्पीकर पर विपक्ष के आरोप
विपक्षी दलों का आरोप है कि लोकसभा अध्यक्ष का पद निष्पक्ष माना जाता है, लेकिन उनका दावा है कि मौजूदा समय में सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता बनाए नहीं रखी जा रही है। विपक्ष का कहना है कि कई फैसले ऐसे लिए गए जिनसे सांसदों के अधिकार कमजोर होते हैं और विवादित मुद्दों पर अध्यक्ष का रुख सत्तापक्ष के पक्ष में दिखाई देता है।
संविधान क्या कहता है
संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार किसी भी स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव आने पर वे सदन में मौजूद रह सकते हैं और अपने पक्ष में सफाई भी दे सकते हैं। हालांकि जिस समय इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी, उस दौरान वे सदन की अध्यक्षता नहीं कर सकते। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार प्रश्नकाल के बाद दोपहर करीब 12 बजे इस प्रस्ताव को पेश किए जाने की संभावना है।
प्रस्ताव लाने के नियम
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाने के लिए कुछ तय प्रक्रियाएं होती हैं। इसमें कम से कम दो सांसदों के हस्ताक्षर, 14 दिन का नोटिस और चर्चा के लिए सदन के कम से कम 50 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। विपक्ष ने बजट सत्र के पहले चरण में ही इस प्रस्ताव का नोटिस दिया था, जिस पर 100 से अधिक सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं।
क्या विपक्ष के पास संख्या है
हालांकि संख्या बल के लिहाज से विपक्ष के लिए यह प्रस्ताव पास कराना आसान नहीं दिख रहा है। लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए सदन में बहुमत यानी 272 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। मौजूदा स्थिति में सत्तारूढ़ एनडीए के पास लगभग 293 सांसदों का समर्थन बताया जा रहा है, जबकि विपक्षी दलों के पास करीब 238 सांसद हैं। ऐसे में राजनीतिक रूप से यह मुद्दा भले ही गरमाए, लेकिन प्रस्ताव के पास होने की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।