ओटीटी की दुनिया में नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बादशाहत फिर से लौट आई है! नेटफ्लिक्स पर ‘Raat Akeli Hai: The Bansal Murders’ ने ऐसी दस्तक दी है कि बड़ी-बड़ी फिल्में भी साइडलाइन हो गई हैं। अगर आप थ्रिलर के शौकीन हैं, तो जटिल यादव आपके वीकेंड को सॉर्ट करने के लिए वापस आ चुके हैं।
क्या है ‘बंसल मर्डर्स’ का सस्पेंस?
कहानी की शुरुआत एक ‘मैसिव शॉक’ के साथ होती है, कानपुर के अमीर और पावरफुल ‘बंसल परिवार’ के 6 लोग एक ही रात में साफ कर दिए जाते हैं। एक आलीशान हवेली, ढेर सारा खून और उससे भी ज़्यादा गहरे राज। जब सिस्टम इस केस को रफा-दफा करने की कोशिश करता है, तब एंट्री होती है हमारे अपने देसी शेरलॉक होम्स, इंस्पेक्टर जटिल यादव (नवाजुद्दीन) की।
कास्ट और परफॉरमेंस का ‘Power-Packed’
जटिल यादव के रोल में नवाज़ ने फिर से बता दिया है कि उन्हें ‘ओटीटी का गॉड’ क्यों कहा जाता है। उनका वही नो-नॉनसेन्स एटीट्यूड और तीखा अंदाज़! ‘मीरा बंसल’ के रोल में चित्रांगदा ने अपनी मिस्ट्री और चार्म से पूरी फिल्म में सस्पेंस बनाए रखा है।
‘गुरु मां’ के किरदार में उनकी एक्टिंग आपको ‘क्रीपी वाइब्स’ देगी। ये ट्रैक थोड़ा-थोड़ा ‘बुराड़ी कांड’ वाले डार्क ज़ोन की याद दिलाता है। राधिका आप्टे का कैमियो और रेवती की एंट्री फिल्म के ‘ग्रिट’ को और बढ़ा देती है।
क्यों है ये ‘मस्ट वॉच’?
ये फिल्म सिर्फ एक बोरिंग पुलिस केस नहीं है, बल्कि एक ‘Social Mirror’ है: रईस परिवारों के पीछे के गंदे राज और अंधविश्वास का डार्क खेल। करप्शन, पॉलिटिक्स और इंडस्ट्रियल स्कैम का एक खतरनाक कॉम्बो।
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी इतनी ‘डार्क और नर्व-रैकिंग’ है कि आप एक पल के लिए भी स्क्रीन से नज़र नहीं हटा पाएंगे। अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जो दिमाग की दही कर दें और आखिर में ‘गूजबम्प्स’ दें, तो ‘The Bansal Murders’ को अपनी वॉच-लिस्ट में तुरंत सेव कर लें। जटिल यादव का स्वैग इस बार पहले से भी ज़्यादा ‘लेवल अप’ है!