देश की प्रमुख जांच एजेंसी CBI के नए डायरेक्टर की नियुक्ति प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा में है। इस बार कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और इनफार्मेशन शेयर करने को लेकर सवाल उठाए हैं।
CBI डायरेक्टर की नियुक्ति कैसे होती है?
CBI डायरेक्टर का चयन एक तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है। इस समिति में शामिल होते है, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश और लोकसभा में विपक्ष के नेता, इस समिति का काम योग्य उम्मीदवारों में से CBI का नया प्रमुख चुनना होता है।
विवाद की वजह क्या है?
राहुल गांधी ने क्यों उठाए सवाल? Rahul Gandhi ने इस चयन प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे पारदर्शी नहीं बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि पूरी प्रक्रिया ठीक तरीके से नहीं चलाई गई।
उनके मुताबिक उम्मीदवारों की पूरी जानकारी समिति को नहीं दी गई, जरूरी रिपोर्ट्स और डाटा साझा नहीं किए गए, बैठक बहुत जल्दी खत्म कर दी गई, ऐसा लग रहा था कि फैसला पहले से तय था और विपक्ष के नेता की भूमिका सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है और उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी ऐसे प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सकते जो निष्पक्ष न हो।
क्यों है ये मामला महत्वपूर्ण?
CBI देश की सबसे अहम जांच एजेंसियों में से एक है, जो बड़े भ्रष्टाचार और अपराध मामलों की जांच करती है। इसलिए इसके प्रमुख की नियुक्ति को लेकर पारदर्शिता और भरोसे का मुद्दा हमेशा चर्चा में रहता है।
कौन हैं Praveen Sood?
Praveen Sood 1986 बैच के IPS अधिकारी हैं। वे पहले Karnataka के DGP और बेंगलुरु पुलिस आयुक्त भी रह चुके हैं। मई 2023 में उन्हें CBI Director नियुक्त किया गया था।