उस दिन वह घर से निकली तो किसी को भी अंदाजा नहीं था कि यह उसकी आख़िरी शाम होगी। उसने बस इतना कहा था कि न्यू ईयर ईव की तैयारी में मदद करने जा रही है और जल्दी लौट आएगी। परिवार ने इसे बिल्कुल सामान्य बात समझा। लेकिन जब रात बीत गई और वह घर नहीं लौटी, तो चिंता ने धीरे-धीरे डर की शक्ल ले ली। कुछ ही दिनों बाद, एक संयोग ने इस कहानी की ऐसी सच्चाई सामने आई,जिसने सबको सन्न कर दिया।
जंगल में मिला पहला सुराग
जनवरी 2014 की शुरुआत में न्यू ईयर रन पर निकले एक जॉगर की नजर पेंसिल्वेनिया के सुनसान जंगल में कीचड़ के बीच आधी दबी एक गुलाबी Ugg बूट पर पड़ी। कुछ कदम आगे बढ़ा तो एक छोटा गुलाबी हैंडबैग भी दिखा। जंगल में ये चीज़ें बिल्कुल गलत जगह पर थीं। जब बैग खोला गया, तो अंदर 23 साल की एशली क्लाइन का आईडी कार्ड मिला। एशली 30 दिसंबर से लापता थीं। बचपन में लेड पॉइज़निंग से उन्हें ब्रेन डैमेज हुआ था, इसलिए उनकी मानसिक उम्र करीब 15 साल की मानी जाती थी। परिवार उन्हें बेहद मासूम, प्यार करने वाली और जरूरत से ज़्यादा भरोसा करने वाली लड़की बताता था।
दोस्ती के नाम पर धोखा
एशली ने घरवालों से कहा था कि वह एक दोस्त के घर न्यू ईयर पार्टी की तैयारी में मदद करेंगी। असल में वह परिवार के ही एक परिचित रयान मैथ्यू शैनॉयर से मिलने गई थीं, जिसने उन्हें फिल्म दिखाने का बहाना दिया था। एशली उसके साथ कार में बैठ गईं, लेकिन वह व्यक्ति उन्हें मिडल क्रीक वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट एरिया ले गया। वहां रयान और उसके दोस्त एडम मॉर्निंग स्टार लिंच ने एशली पर हमला कर दिया। उसे पीटा गया, चाकू मारा गया और फिर जिंदा जला दिया गया। अदालत में बताया गया कि पेट्रोल डालते वक्त भी एशली सांस ले रही थीं।
बाद में दोनों आरोपियों ने अपराध कबूल कर लिया, लेकिन यह नहीं बता पाए कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। डेथ पेनल्टी से बचने के लिए उन्होंने प्ली डील की और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई। एशली के पिता को लगा था कि उनकी बेटी दोस्त के घर रुकी होगी, लेकिन जिस भरोसे के साथ वह घर से निकली थी, वही भरोसा उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा धोखा बन गया।