नई दिल्ली: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है। सोशल मीडिया पर जारी अपने लिखित संदेश में उन्होंने कहा कि अली खामेनेई और युद्ध में मारे गए सभी लोगों के खून का बदला हर हाल में लिया जाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
‘शहीदों के खून का हिसाब जरूर होगा’
मोजतबा खामेनेई ने अपने संदेश में कहा, “हम शहीद नेता और इन दोनों युद्धों के सभी शहीदों के खून का बदला उन अपराधियों और कलंकित हत्यारों से लेने की कसम खाते हैं।” उन्होंने कहा कि यह बदला किसी एक व्यक्ति या नेतृत्व पर निर्भर नहीं है। चाहे वे रहें या न रहें, यह संकल्प हर हाल में पूरा किया जाएगा।
ईरान-इराक के लोगों का जताया आभार
अपने संदेश में मोजतबा खामेनेई ने ईरान और इराक में अंतिम संस्कार और शोक सभाओं में शामिल हुए लाखों लोगों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने तेहरान, कोम, मशहद, नजफ और कर्बला समेत कई शहरों में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जनता की यह एकजुटता विरोधियों के लिए करारा जवाब है।
पिता के अंतिम संस्कार के मौके पर आया बयान
मोजतबा खामेनेई का यह संदेश उस समय जारी किया गया, जब उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की जा रही थीं। अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी को तेहरान स्थित उनके कार्यालय पर हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों में हुई थी। गुरुवार देर रात उन्हें ईरान के पवित्र शहर मशहद में इमाम रजा के दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया गया, जहां हजारों समर्थक अंतिम विदाई देने पहुंचे।
ट्रंप ने भी ईरान को दी थी सख्त चेतावनी
मोजतबा खामेनेई के बयान से एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि वह लंबे समय से ईरान की कथित हिट लिस्ट में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ कोई हमला होता है तो ईरान को ऐसी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, जैसी उसने पहले कभी नहीं देखी होगी।
‘मैं लंबे समय से उनकी सूची में नंबर-1 हूं’
एक बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान वर्षों से उन्हें निशाना बनाना चाहता है। उन्होंने दावा किया कि यदि उनके खिलाफ किसी भी तरह की साजिश को अंजाम देने की कोशिश हुई तो उसका जवाब बेहद कठोर होगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह लंबे समय से ईरान की सूची में सबसे ऊपर हैं।
सुरक्षा के चलते बदली गई थी ट्रंप की यात्रा योजना
अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के बाद अमेरिका लौटते समय ट्रंप ने अपनी यात्रा योजना में बदलाव किया था। बाद में व्हाइट हाउस ने स्वीकार किया कि यह कदम राष्ट्रपति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया था। इस घटनाक्रम के बाद अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मशहद में उमड़ा था जनसैलाब
अयातुल्ला अली खामेनेई को उत्तर-पूर्वी ईरान के मशहद शहर में दफनाया गया। अंतिम संस्कार से पहले एक सप्ताह तक विभिन्न शहरों में शोक जुलूस, रैलियां और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी देखने को मिली।