नेपाल चुनाव 2026 में बालेन शाह और रवि लामिछाने गठबंधन
नेपाल में मार्च में होने वाले संसदीय चुनाव से पहले राजनीति अचानक गर्म हो गई है। काठमांडू के मेयर और रैपर से नेता बने बालेन्द्र शाह उर्फ बालेन ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) का दामन थाम लिया है। इस पार्टी की कमान पूर्व टीवी एंकर से नेता बने रवि लामिछाने के हाथ में है। माना जा रहा है कि दोनों का ये गठबंधन पिछले 30 साल से राजनीति पर हावी पुरानी पार्टियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
पार्टी के मुताबिक, अगर 5 मार्च को होने वाले चुनाव में RSP जीतती है तो बालेन शाह को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा, जबकि रवि लामिछाने पार्टी अध्यक्ष बने रहेंगे। दोनों नेताओं ने सितंबर में हुए युवाओं के बड़े विरोध प्रदर्शनों के मुद्दों को आगे बढ़ाने की बात कही है। ये वही प्रदर्शन थे जो भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए और जिनमें 77 लोगों की जान गई थी। इसी दबाव में तत्कालीन प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा था।
राजनीतिक जानकार बिपिन अधिकारी मानते हैं कि RSP का ये दांव काफी चालाकी भरा है, क्योंकि बालेन के साथ बड़ी संख्या में युवा वोटर पार्टी से जुड़ सकते हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक नेपाल की कुल आबादी करीब 3 करोड़ है, जिसमें से 1.9 करोड़ लोग वोट डालने के हकदार हैं। इनमें लगभग 10 लाख नए वोटर जुड़े हैं, जिनमें ज्यादातर युवा हैं।
बालेन सितंबर के प्रदर्शनों के दौरान युवाओं के बीच एक तरह से अनौपचारिक नेता बनकर उभरे थे। उन्होंने पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार के गठन में भी मदद की, जो चुनाव प्रक्रिया की निगरानी कर रही है। हालांकि, आलोचक कहते हैं कि आंदोलन के दौरान बालेन कम ही सड़कों पर दिखे और ज्यादातर सोशल मीडिया के जरिए ही समर्थकों से जुड़े रहे।
वहीं, नेपाली कांग्रेस के प्रवक्ता प्रकाश शरण महत का कहना है कि इस गठबंधन से कोई बड़ा उलटफेर नहीं होगा। उनके मुताबिक लोग आखिरकार पुराने और अनुभवी दलों पर ही भरोसा करेंगे। लेकिन इतना तय है कि बालेन और लामिछाने की जोड़ी ने नेपाल की राजनीति में युवाओं की उम्मीदों और बदलाव की चाह को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं की कथित धांधली व पेपर…
शेयर बाजार में मल्टीबैगर रिटर्न देने वाले स्टॉक्स हमेशा निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचते…
इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ आमतौर पर रोड पर बिल्कुल शांत और बेआवाज़ चलती हैं, लेकिन अगर आपको…
आज के समय में साइबर अपराधियों के तरीके पहले से कहीं ज्यादा एडवांस हो चुके…
20 जुलाई 2026 को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज और जंतर-मंतर से…
लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को…