लद्दाख के चर्चित एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहा अपना 26 दिनों का आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। अनशन खत्म होने के बाद उन्होंने साफ कर दिया कि आंदोलन रुका नहीं है, बल्कि अब सरकार की जवाबदेही तय करने का असली चरण शुरू हुआ है।
सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की और हस्ताक्षर करके अनशन खत्म करने का अनुरोध किया।
“हमें सरकार और विपक्ष-दोनों तरफ से यह लिखित व मौखिक आश्वासन मिला है कि भारतीय संसद के आगामी सत्र में देश की गिरती परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी।”
– सोनम वांगचुक
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे लिखित आश्वासन का इंतजार कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें अनशन की समयसीमा को कुछ दिनों के लिए बढ़ाना पड़ा था।
वांगचुक के अनुसार, सरकार ने तीन प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है:
सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई और उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना की।
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