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NEET परीक्षा या मज़ाक! NTA ने  नागपुर के छात्र को RE-NEET का एग्जाम सेंटर दिया ABU- DHABI

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी “NTA” एक बार फिर बड़े विवाद और अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। NEET-UG 2026 की री-एग्जाम  से ठीक एक दिन पहले एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया, जिसने न सिर्फ एक छात्र और उसके परिवार की सांसें अटका दीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसी के सुरक्षा तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नागपुर के रहने वाले एक छात्र को परीक्षा के लिए भारत नहीं बल्कि UAE का एग्जाम सेंटर अलॉट कर दिया, हैरानी की बात तो यह है की उस छात्र के पास विदेश जाने के लिए पासपोर्ट तक नहीं था।

क्या है पूरा मामला?

नागपुर के रहने वाले छात्र अब्दुल्लाह मोहम्मद तालिब ने जब री-एग्जाम के लिए अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का पता था— ‘अबू धाबी इंडियन स्कूल’ (UAE)।

अब्दुल्लाह के पिता मोहम्मद तालिब ने मीडिया से बातचीत में कहा की,

“हमने फॉर्म भरते समय किसी भी विदेशी परीक्षा केंद्र का विकल्प नहीं चुना था। हमारी प्राथमिकताओं में नागपुर, वर्धा और भंडारा जैसे स्थानीय जिले शामिल थे। सबसे बड़ी मुसीबत यह थी कि अब्दुल्लाह के पास पासपोर्ट भी नहीं है। ऐसे में बिना पासपोर्ट के कोई छात्र परीक्षा देने अचानक विदेश कैसे जा सकता है?”

परीक्षा से ऐन वक्त पहले आई इस मुसीबत ने छात्र को भारी मानसिक तनाव में डाल दिया। इसके बाद परिवार ने बिना वक्त गंवाए तुरंत NTA की हेल्पलाइन पर संपर्क किया और ईमेल के जरिए अपनी शिकायत दर्ज कराई।

NTA का एक्शन

मामले के तूल पकड़ते ही NTA बैकफुट पर आया और तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए गए। NTA के महानिदेशक ने पुष्टि की है कि इस गड़बड़ी को समय रहते ठीक कर लिया गया है। अब्दुल्लाह को अब उनके गृह नगर नागपुर में ही नया परीक्षा केंद्र अलॉट कर दिया गया है और संशोधित एडमिट कार्ड भी जारी कर दिया गया है, जिससे छात्र का साल बर्बाद होने से बच गया। लेकिन, इस पूरे मामले ने NTA के भीतर एक नई चिंता को पैदा कर दिया है।

तकनीकी खराबी या अकाउंट हैक! जांच शुरू

शुरुआत में इसे एक ‘तकनीकी खराबी’ माना जा रहा था, लेकिन सूत्रों के मुताबिक NTA अब इसे एक संभावित साइबर सुरक्षा चूक “Cyber Security Breach” के एंगल से भी देख रहा है।

NTA के अधिकारियों का कहना है कि सिस्टम के बैकएंड रिकॉर्ड की जांच करने पर पता चला कि छात्र की चॉइस में बदलाव किया गया था, जिसके बाद ही उसे अबू धाबी का सेंटर मिला।

एजेंसी अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या छात्र का लॉगिन पासवर्ड लीक हुआ था या किसी थर्ड-पार्टी (तीसरे पक्ष) ने छात्र के क्रेडेंशियल्स का गलत इस्तेमाल करके जानबूझकर परीक्षा केंद्र को बदला था।

‘सिस्टम’ पर फिर उठे गंभीर सवाल

भले ही NTA ने तत्परता दिखाते हुए छात्र अब्दुल्लाह का सेंटर बदल दिया हो और उनकी परीक्षा सुनिश्चित कर दी हो, लेकिन यह घटना ऐसे समय में आई है जब एजेंसी पहले से ही पेपर लीक, परीक्षा प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स को लेकर चौतरफा आलोचनाओं का सामना कर रही है।

news desk

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