नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के लाल किले से दिए गए भाषण को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद पवार गुट ने सवाल उठाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के भाषण में देश की अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े मुद्दों की तुलना में हिंदू-मुस्लिम और राजनीतिक मुद्दों पर ज्यादा जोर रहा।
नसीम सिद्दीकी ने कहा कि प्रधानमंत्री को युवाओं, रोजगार, GDP और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर ज्यादा विस्तार से बात करनी चाहिए थी।
नसीम सिद्दीकी ने प्रधानमंत्री के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर लाल किले से देश की प्रगति, बेरोजगारी, GDP और चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश में कथित अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर चर्चा होती तो विपक्ष को खुशी होती।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाषण के जरिए मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की गई। सिद्दीकी ने यह भी कहा कि देश के युवाओं और Gen-Z के भविष्य पर ज्यादा चर्चा होनी चाहिए थी।
प्रधानमंत्री की ओर से युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने और छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग से जुड़े ऐलानों पर भी NCP नेता ने सवाल उठाए।
सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के निजीकरण से रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने अग्निवीर योजना का जिक्र करते हुए भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि युवाओं को स्थायी रोजगार की जरूरत है।
नसीम सिद्दीकी ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के पुलिसकर्मियों को सम्मान देने के फैसले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अच्छा काम करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मान मिलना चाहिए, लेकिन किसी भी तरह का पुरस्कार धर्म या जाति के आधार पर नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के अच्छे काम के लिए पुलिस मेडल या अन्य सम्मान दिए जा सकते हैं। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानून के पालन और पुलिस कार्रवाई में निष्पक्षता जरूरी है।
NCP प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री के भाषण में पाकिस्तान से जुड़े संदर्भों और अन्य मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गोमूत्र खरीदने के पायलट प्रोजेक्ट और रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा की जरूरत जैसे मुद्दों पर भी अपनी राय रखी।
सिद्दीकी ने कहा कि राष्ट्रीय मंच से होने वाली चर्चा में देश के भविष्य, रोजगार, आर्थिक विकास और युवाओं की आकांक्षाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
नसीम सिद्दीकी ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब देश के भविष्य और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और विभाजन की बात ज्यादा होती है, तो विपक्ष के नेताओं के सामने भी सवाल खड़े होते हैं।
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