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CEO ने कहा- ‘मालिक की तरह सोचो’, कर्मचारी ने पूछा- ‘तो 50% हिस्सेदारी देंगे?’ 5 बजते ही बैग उठाया और निकल गया

नई दिल्ली: दफ्तर में कर्मचारियों से ज्यादा जिम्मेदारी और समर्पण की उम्मीद करना आम बात है, लेकिन एक कंपनी के सीईओ और Gen Z कर्मचारी के बीच हुई बातचीत सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। वायरल पोस्ट के मुताबिक, सीईओ ने कर्मचारी से कहा कि अगर उसे करियर में तेजी से आगे बढ़ना है तो उसे कर्मचारी की तरह नहीं, बल्कि मालिक की तरह सोचना चाहिए। कर्मचारी ने इसके जवाब में ऐसा सवाल पूछ दिया कि पूरा मामला ही पलट गया।

रोज 9 बजे ऑफिस, 5 बजे घर निकल जाता था कर्मचारी

यह मामला X पर @Mario_Sneh हैंडल से मारियो पीटी नाम के यूजर ने साझा किया है। वायरल पोस्ट के अनुसार, कंपनी का एक Gen Z कर्मचारी अपने तय कामकाजी समय को लेकर काफी अनुशासित था। वह रोज सुबह समय पर ऑफिस पहुंचता था और शाम 5 बजते ही अपना बैग लेकर निकल जाता था।

कर्मचारी ऑफिस के निर्धारित समय से एक मिनट भी ज्यादा रुकने को तैयार नहीं था। उसकी इस आदत से परेशान होकर सीईओ ने उसे अपने केबिन में बुलाया।

सीईओ ने उसे समझाते हुए कहा कि अगर वह अपने करियर में तेजी से तरक्की करना चाहता है तो उसे आम कर्मचारी की तरह सोचना छोड़कर ‘मालिक की तरह सोचना’ शुरू करना चाहिए। उनका तर्क था कि कंपनी का मालिक घड़ी देखकर काम नहीं करता, बल्कि काम पूरा होने और कंपनी की सफलता पर ध्यान देता है।

कर्मचारी ने सामने रख दी 50% हिस्सेदारी की शर्त

सीईओ की बात सुनने के बाद कर्मचारी ने बिना झिझक सवाल किया कि अगर उससे मालिक की तरह सोचने की उम्मीद की जा रही है तो क्या उसे कंपनी में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी दी जाएगी?

कर्मचारी का तर्क था कि मालिक कंपनी में अपना पैसा लगाते हैं, कारोबार का जोखिम उठाते हैं और कंपनी को मुनाफा होने पर उसका फायदा भी लेते हैं। दूसरी ओर कर्मचारी अतिरिक्त मेहनत करने के बावजूद तय वेतन ही पाता है।

4:59 बजे घड़ी देखी और बैग उठाकर चल पड़ा

बातचीत के दौरान सीईओ हंसने लगे और उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मतलब उस तरह नहीं था। इसके बाद कर्मचारी ने घड़ी की तरफ देखा। उस समय 4:59 बज रहे थे।

कर्मचारी ने अपना काम समेटा, बैग उठाया और ऑफिस से निकलने लगा। सीईओ ने उससे पूछा कि वह कहां जा रहा है। कर्मचारी ने जवाब दिया कि वह घर जा रहा है, क्योंकि उसके अनुबंध में काम का समय शाम 5 बजे तक ही निर्धारित है।

अगली सुबह वह कर्मचारी फिर निर्धारित समय से पहले ऑफिस पहुंचा और अपने काम में लग गया।

सोशल मीडिया पर दो हिस्सों में बंटे लोग

इस वायरल घटना को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कई लोगों का कहना है कि जब किसी कर्मचारी को कंपनी में हिस्सेदारी नहीं मिलती और उसे सिर्फ तय वेतन दिया जाता है, तो उससे मालिक जैसी जिम्मेदारी और काम की अपेक्षा करना उचित नहीं है।

एक यूजर ने सवाल उठाया कि अगर कंपनी कर्मचारी से मालिक जितनी मेहनत चाहती है, तो मुनाफे में हिस्सेदारी क्यों नहीं देती। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का मानना है कि करियर में आगे बढ़ने के लिए कर्मचारी को अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर काम करने और अतिरिक्त जिम्मेदारी लेने की जरूरत पड़ सकती है।

vineet verma

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