केरल के वायनाड से एक दिल दहला देने वाला नज़ारा देखने को मिला है। कल्लाडी में मीनाक्षी ब्रिज के पास चल रहे ‘वायनाड टनल रोड प्रोजेक्ट’ की साइट पर मंगलवार को एक भीषण “लैंड स्लाइड” ने भारी तबाही मचाई। इस हादसे में अब तक 2 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि टनल प्रोजेक्ट के सीनियर सुपरवाइजर्स और मजदूरों समेत 7 लोग अभी भी लापता हैं। रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद 9 लोगों को मलबे से जिंदा निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया है।
सोशल मीडिया पर इस हादसे का एक बेहद डरावना सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि कैसे पलक झपकते ही मिट्टी और मलबे का एक विशाल सैलाब ऊपर से नीचे आता है। वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं, और देखते ही देखते मलबे का यह तेज बहाव एक बड़े फ्यूल टैंकर को तिनके की तरह अपने साथ बहा ले जाता है।
‘यह नेचुरल नहीं, मैन-मेड डिजास्टर है’
इस हादसे के बाद केरल सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में है। ग्राउंड पर पहुंचे राज्य के कृषि मंत्री टी. सिद्धीक ने इसे प्राकृतिक आपदा मानने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “यह कोई प्राकृतिक भूस्खलन नहीं, बल्कि पूरी तरह से एक मैन-मेड लैंडस्लाइड है। टनल की खुदाई से निकली मिट्टी और मलबे को बेहद अनसाइंटिफिक तरीके से एक जगह डंप किया गया था, जो इस हादसे की असली वजह बना।”
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने भी इस लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला कलेक्टर ने 20 जून को ही लिखित आदेश जारी कर कंस्ट्रक्शन साइट से सारा मलबा तुरंत हटाने को कहा था। शुरुआती जांच के मुताबिक, टनल का काम देख रही कोंकण रेलवे के ठेकेदार ने प्रशासन की इस गंभीर चेतावनी और आदेश को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया, जिसका खामियाजा आज इन मासूम मजदूरों को भुगतना पड़ा।

भारी बारिश और रेड अलर्ट के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की खबर मिलते ही एनडीआरएफ (NDRF), फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गईं। मलबे से सुरक्षित निकाले गए 9 घायलों को इलाज के लिए मेप्पाडी के विम्स (WIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्र के परिवारों को शिफ्ट करने के लिए चुलिक्का गवर्नमेंट एलपी स्कूल में एक राहत शिविर भी शुरू कर दिया गया है।
हालांकि, खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतें आ रही हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, वायनाड में पिछले 24 घंटों के भीतर 265 mm अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने वायनाड और कोझिकोड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और साइट पर फैली मोटी, ढीली मिट्टी के कारण मलबे को हटाने वाली भारी मशीनों को तैनात करने में रेस्क्यू टीमों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। फिलहाल प्रशासन एम्प्लॉयमेंट लॉग की मदद से लापता लोगों की सही पहचान और उन्हें ढूंढने की कोशिशों में जुटा है।