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बलूचिस्तान के संघर्ष पर भारत से समर्थन की अपील, एस जयशंकर को मीर यार बलोच का खुला लैटर!

बलूचिस्तान के निर्वासित नेता मीर यार बलूच ने साल 2026 की शुरुआत एक ज़बरदस्त ‘अलार्म’ के साथ की है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को लिखे एक ओपन लेटर में उन्होंने न केवल पाकिस्तान के जुल्मों का कच्चा चिट्ठा खोला है, बल्कि चीन के बढ़ते साम्राज्यवादी मंसूबों पर भी रेड सिग्नल दिया है।

बलूचिस्तान अब चीन का सैन्य अड्डा बनने की कगार पर
मीर यार बलूच का सबसे बड़ा दावा चीन की सीधी सैन्य दखलंदाजी को लेकर है। उन्होंने आगाह किया है कि: CPEC (चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) के नाम पर चीन अब बलूचिस्तान की ज़मीन पर अपनी सेना उतारने की तैयारी में है। और अगर समय रहते इसे नहीं रोका गया, तो अगले कुछ महीनों में चीनी सैनिक बलूच धरती पर तैनात होंगे, जो भारत की सुरक्षा के लिए ‘चेकमेट’ जैसी स्थिति हो सकती है।
बलूच नेता ने कहा कि 6 करोड़ बलूच लोगों की मर्जी के बिना ये ‘कब्ज़ा’ पूरे दक्षिण एशिया के लिए खतरा है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत की बदलती रणनीति
इस पत्र में मीर यार बलूच ने भारत के हालिया कड़े रुख की जमकर तारीफ की है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर ये साफ कर दिया है कि भारत अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि ऑफेंसिव डिफेंस की नीति पर चल रहा है।

उन्होंने अपने लैटर में आगे लिखा की “पाकिस्तान एक ऐसा नासूर है जिसे अब जड़ से खत्म करना ज़रूरी है। भारत ही वह शक्ति है जो क्षेत्र में संतुलन और शांति वापस ला सकती है।” — मीर यार बलूच

79 साल का दर्द और ‘चीनी विस्तारवाद’
बलूच नेता ने याद दिलाया कि बलूचिस्तान पिछले करीब 8 दशकों से पाकिस्तान के राज्य-प्रायोजित आतंकवाद की बलि चढ़ रहा है। अब पाकिस्तान अपनी ज़मीन चीन को बेचकर बलूचों की आवाज़ और संसाधनों को हमेशा के लिए कुचलना चाहता है।

भारत के लिए क्या हैं संकेत?
भारत के लिए CPEC शुरू से ही एक ‘रेड लाइन’ रहा है, क्योंकि ये PoK जैसे संवेदनशील इलाके से गुजरकर भारत की संप्रभुता को सीधे चुनौती देता है। ऐसे में मीर यार बलूच का ये लेटेस्ट लेटर ग्लोबल लेवल पर भारत के नैरेटिव को ‘सुपरचार्ज’ कर सकता है। अब सबकी निगाहें दिल्ली के पावर कॉरिडोर्स पर टिकी हैं की क्या भारत इस पर कोई बड़ा डिप्लोमैटिक मास्टरस्ट्रोक खेलेगा? पूरी दुनिया इस वक्त भारत के अगले ‘मूव’ का इंतज़ार कर रही है।”

news desk

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