मिडिल ईस्ट में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं, जहां अमेरिका ने अपने लगभग 3,500 सैनिकों और मरीन को रणनीतिक रूप से तैनात कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर हाल ही में इज़राइल में इज़राइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र में सुरक्षा और संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारियों पर चर्चा कर चुके हैं।
बैठक का मुख्य एजेंडा ईरान की हथियार निर्माण क्षमता और क्षेत्रीय तनाव पर नियंत्रण रखना था। अधिकारियों ने संकेत दिए कि अमेरिका की योजना बड़े पैमाने के जमीनी आक्रमण की बजाय सीमित और टारगेटेड मिशन पर केंद्रित है, जिसमें विशेष बल और पैदल सेना की संयुक्त टीमें शामिल होंगी।
इज़राइल की ओर से IDF प्रवक्ता ने कहा कि उनका लक्ष्य ईरान के सैन्य उत्पादन ढांचे के अहम हिस्सों को निशाना बनाना है, ताकि उनके पुनर्निर्माण में लंबा समय लगे।
साथ ही, अमेरिकी उभयचर हमला जहाज USS ट्रिपोली भी क्षेत्र में पहुँच गया है। यह अमेरिका-क्लास का प्रमुख जहाज है, जिसमें 3,500 नाविक और मरीन के साथ स्ट्राइक फाइटर विमान और उभयचर हमला क्षमता मौजूद है। USS ट्रिपोली एम्फीबियस रेडी ग्रुप और 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का नेतृत्व करता है और इसे पश्चिम एशिया के सक्रिय युद्ध क्षेत्र में तैनात किया गया है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका और इज़राइल की ये रणनीतिक तैयारियां भविष्य में किसी भी समय ग्राउंड ऑपरेशन शुरू होने की संभावना को बढ़ाती हैं। वर्तमान में यह योजना पूरी तरह से लक्ष्य-निर्दिष्ट मिशनों तक सीमित रखी गई है, लेकिन स्थिति बदलने पर बड़े पैमाने की कार्रवाई भी शुरू हो सकती है।
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