मैक्सिको सरकार ने देश के सबसे वांछित ड्रग माफिया सरगना Nemesio Oseguera उर्फ ‘एल मेंचो’ की मौत के बाद भड़की हिंसा को काबू में करने के लिए 10,000 सैनिक तैनात किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ों और बाद की झड़पों में अब तक कुल 73 लोगों की मौत हो चुकी है।
सरकार ने हालात संभालने के लिए 2,500 अतिरिक्त जवान जलिस्को राज्य में भेजे हैं। जलिस्को न केवल एल मेंचो के कार्टेल का गढ़ माना जाता है, बल्कि यह आगामी फीफा विश्व कप के मेजबान शहरों में भी शामिल है।
बताया गया है कि जलिस्को राज्य के टापाल्पा कस्बे में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के दौरान एल मेंचो घायल हो गया था। उसे हवाई मार्ग से मैक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
एल मेंचो की मौत की खबर फैलते ही उसके संगठन Jalisco New Generation Cartel (CJNG) के सदस्यों ने 20 राज्यों में सड़कें जाम कर दीं और वाहनों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में आगजनी की।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, झड़पों में 27 सुरक्षाकर्मी, 46 संदिग्ध अपराधी और एक नागरिक की मौत हुई है।
जलिस्को में एक जेल पर हथियारबंद हमला किया गया, जिसके बाद कम से कम 23 कैदी फरार हो गए। स्थानीय सोशल मीडिया पर साझा तस्वीरों में पहाड़ी इलाकों से उठता काला धुआं देखा गया।
राजधानी ग्वाडलाहारा में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और अधिकांश सार्वजनिक परिवहन सेवाएं निलंबित हैं। आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं।
हिंसा की लपटें पर्यटन शहर Puerto Vallarta तक पहुंच गईं, जो विदेशी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। हालात को देखते हुए United States, United Kingdom, Canada और Australia ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी रद्द की गई हैं।
59 वर्षीय ओसेगुएरा को ड्रग तस्करी की दुनिया का बड़ा चेहरा माना जाता था। वह कुख्यात माफिया सरगना Joaquin Guzman उर्फ ‘एल चापो’ की तरह क्रूर रणनीतियों के लिए जाना जाता था।
विशेषज्ञों का मानना है कि उसके बेटे की अमेरिका में सजा के बाद संगठन में स्पष्ट उत्तराधिकारी नहीं है, जिससे शक्ति संघर्ष और आंतरिक हिंसा बढ़ सकती है।
मैक्सिको सरकार ने बताया कि कार्रवाई में अमेरिकी एजेंसियों से मिली खुफिया जानकारी ने अहम भूमिका निभाई। हालांकि राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाम ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन में अमेरिकी सैनिक शामिल नहीं थे।
अमेरिका पहले ही CJNG को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है और उस पर कोकीन, हेरोइन, मेथामफेटामाइन और फेंटानिल की तस्करी के आरोप लगाता रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि एल मेंचो की मौत के बाद मैक्सिको में ड्रग गिरोहों के बीच सत्ता संघर्ष तेज हो सकता है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और अस्थिर होने की आशंका है।
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