उन्नाव: महार्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के B.Sc. (Hons.) कृषि के VII सेमेस्टर के छात्रों ने हाल ही में धौरा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में एक शानदार किसान गोष्ठी आयोजित की. यह कार्यक्रम उनके ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) और कृषि औद्योगिक लगाव (AIA) प्रोग्राम का हिस्सा था.
इस गोष्ठी का मकसद था – छात्रों और किसानों को एक साथ लाकर अनुभव और जानकारी का आदान-प्रदान करना और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से रूबरू कराना. कार्यक्रम में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ए. के. सिंह, श्रीमती रत्ना सहाय, डॉ. जय कुमार यादव और डॉ. धीरज तिवारी मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे.
डीन डॉ. धीरज यादव और सहायक प्राध्यापक डॉ. अंकित सिंह यादव ने भी उत्साह के साथ छात्रों और किसानों की मदद की. करीब 50 छात्रों और छह गांवों के लगभग 250 किसानों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया.
गोष्ठी में फसल उत्पादन, कीट और रोग प्रबंधन, साथ ही नई-नई कृषि तकनीकों पर विस्तार से चर्चा हुई. विशेषज्ञों ने छात्रों की पहल की जमकर तारीफ की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम कौशल-आधारित सीखने और सतत कृषि विकास में बड़ा योगदान देते हैं.
छात्रों को इस कार्यक्रम से ज़मीनी अनुभव मिला और किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी. इस गोष्ठी ने साबित कर दिया कि जब ज्ञान और अनुभव मिलते हैं, तो ग्रामीण कृषि समुदाय में नवाचार और रोजगार के नए अवसर जन्म लेते हैं.