लखनऊ: पारा इलाके में 16 साल की किशोरी की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शुरू में इस पूरे मामले को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की गई थी, लेकिन पुलिस की जांच ने पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया।
पारा के डूडा कॉलोनी की रहने वाली किशोरी के परिजनों ने 13 जनवरी को पारा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि उसी दिन आरोपियों ने किशोरी को फोन कर बुलाया और सफारी गाड़ी में उसका गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए सरोजनी नगर इलाके के रेलवे ट्रैक पर रख दिया गया, ताकि मामला सुसाइड जैसा लगे। बताया जा रहा है कि आरोपी ट्रेन गुजरने तक वहीं खड़े रहे और शरीर के टुकड़े होने के बाद फरार हो गए।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
पुलिस के मुताबिक, इस हत्या की जड़ प्रेम प्रसंग और बेवफाई है। किशोरी मोबाइल पर आरोपी दोनों दोस्तों अंशु गौतम और आशिक यादव से अलग-अलग बात करती थी। इसी बात से नाराज होकर दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। फोन करके किशोरी को बुलाया गया और फिर गाड़ी में ही उसकी जान ले ली गई। वारदात के बाद चारों आरोपी नैनीताल घूमने चले गए, ताकि किसी को शक न हो।
पारा पुलिस ने मुख्य आरोपी अंशु गौतम उर्फ लकी, आशिक यादव, रिशु यादव और वैभव सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से सफारी गाड़ी और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। कॉल डिटेल और मोबाइल डेटा के सहारे ही पुलिस आरोपियों तक पहुंची। वहीं, जब रेलवे ट्रैक से मिले कटे सिर और धड़ को जोड़ा गया, तब जाकर किशोरी की पहचान हो सकी।
फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।