लखनऊ: बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। 13 जुलाई को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री व लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह संयुक्त रूप से इसका लोकार्पण करेंगे। इसी दिन एक्सप्रेसवे को आम वाहनों के लिए भी खोल दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर बनने वाले फ्लाईओवर का शिलान्यास भी प्रस्तावित है। समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है।
लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा को तेज और सुगम बनाने वाले इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच सफर लगभग एक घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अप्रैल में ही पूरा हो चुका था। बताया जा रहा है कि उद्घाटन को लेकर अंतिम कार्यक्रम तय होने के कारण इसे अब तक शुरू नहीं किया गया था। एनएचएआई सूत्रों के अनुसार, दिल्ली मुख्यालय से 13 जुलाई को लोकार्पण की तैयारियों को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं पीडब्ल्यूडी की राष्ट्रीय राजमार्ग इकाई को इंजीनियरिंग कॉलेज फ्लाईओवर के शिलान्यास की तैयारियां शुरू करने को कहा गया है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 63 किलोमीटर है। इसमें लगभग 42 किलोमीटर हिस्सा ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया गया है, जबकि शेष भाग एलिवेटेड रोड के रूप में तैयार किया गया है, जो लखनऊ क्षेत्र में आता है।
ग्रीन फील्ड सेक्शन उन्नाव और कानपुर जिलों में स्थित है। इस परियोजना को पांच वर्षों में 4000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है। एक्सप्रेसवे पर चार टोल प्लाजा बनाए गए हैं। यह मार्ग लखनऊ में अमौसी क्षेत्र के पास से शुरू होकर कानपुर में शुक्लागंज के पास समाप्त होता है।
एक्सप्रेसवे पर कार, जीप और एसयूवी जैसे हल्के वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। वहीं बड़े वाहनों के लिए अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। तेज गति और नियंत्रित यातायात व्यवस्था के कारण कानपुर पहुंचने का समय काफी कम हो जाएगा।
लोकार्पण कार्यक्रम के साथ इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर प्रस्तावित चार लेन फ्लाईओवर परियोजना की भी शुरुआत होगी। लगभग 108 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का निर्माण कार्य हरियाणा की कंपनी को सौंपा जा चुका है। इसके बनने से इस क्षेत्र में लंबे समय से लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
यह एक्सप्रेसवे आधुनिक तकनीक से लैस बनाया गया है। पूरे मार्ग पर 80 से अधिक हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं, जो वाहनों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखेंगे। इसके लिए दो कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं।
यदि किसी वाहन में खराबी आती है या कोई वाहन रास्ते में रुकता है तो कैमरे इसकी सूचना तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचाएंगे। वहां से 24 घंटे तैनात पेट्रोलिंग टीम को अलर्ट किया जाएगा और टीम लगभग 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचेगी। किसी दुर्घटना की स्थिति में एम्बुलेंस भी निर्धारित समय में पहुंचाई जाएगी। प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के बाद जरूरत पड़ने पर घायलों को नजदीकी अस्पताल भेजा जाएगा।
एक्सप्रेसवे पर टोल व्यवस्था को भी पूरी तरह आधुनिक बनाया गया है। टोल प्लाजा से लगभग 500 मीटर पहले लगे कैमरे वाहन के फास्टैग और नंबर प्लेट की पहचान कर जानकारी सिस्टम को भेज देंगे। इसके बाद टोल राशि स्वतः कट जाएगी और वाहन के पहुंचते ही बैरियर खुल जाएगा, जिससे वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा।
नई दिल्ली: यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। कई देशों में तापमान…
पुणे: चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल ने पहली…
भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए 'ज्ञानोदय–शिक्षारु समृद्धि' योजना…
बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से छोटे बच्चों के साथ कथित क्रूरता का बेहद चौंकाने…
नई दिल्ली: बदलता मौसम, धूल, प्रदूषण, बार-बार हेयर स्टाइलिंग और गलत हेयर केयर रूटीन बालों…
नई दिल्ली: बारिश के मौसम में नमी बढ़ने के साथ स्किन से जुड़ी परेशानियां भी…