लखनऊ में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का प्रस्तावित हनुमत कथा कार्यक्रम एक बार फिर रद्द हो गया है। 14 से 18 मार्च तक राष्ट्र प्रेरणा स्थल मैदान में होने वाली इस कथा को लेकर तैयारियां चल रही थीं, लेकिन ऐन वक्त पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने मैदान का आवंटन निरस्त कर दिया। वजह बताई गई है कि पुलिस से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन संबंधी एनओसी नहीं मिली।
एलडीए अधिकारियों के मुताबिक, इतने बड़े आयोजन के लिए पुलिस की पूर्व अनुमति अनिवार्य होती है, जो इस बार नहीं मिल पाई। संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने कहा कि अनुमति पर अभी समीक्षा चल रही है, लेकिन सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ था। प्रशासन का साफ कहना है कि यह कोई खास वजह नहीं, बल्कि पूरी तरह प्रक्रियागत मामला है।
आखिर बार-बार क्यों रद्द हो रहे कार्यक्रम?
धीरेंद्र शास्त्री, जिन्हें बागेश्वर धाम सरकार के नाम से भी जाना जाता है, अपने ‘दिव्य दरबार’ और हनुमत कथा के लिए देशभर में मशहूर हैं। उनके कार्यक्रमों में भारी भीड़ उमड़ती है। प्रशासन का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करना आसान नहीं होता और स्टाम्पेड जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है। पहले भी दूसरे शहरों में भीड़ अनुमान से ज्यादा पहुंचने की वजह से कार्यक्रम रद्द करने पड़े हैं।
दूसरी ओर, उनके कुछ बयानों को लेकर अक्सर विवाद भी खड़े होते रहे हैं। ‘हिंदू राष्ट्र’ जैसे मुद्दों पर दिए गए बयान कई बार विरोध का कारण बने हैं। लखनऊ में भी कुछ धर्मगुरुओं ने पहले आपत्ति दर्ज कराई थी। ऐसे में प्रशासन हर पहलू को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहता है।
लखनऊ में पहले भी लग चुका है ब्रेक
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अप्रैल 2024 में भी उनका एक कार्यक्रम विरोध और एफआईआर की स्थिति के बीच रद्द हुआ था। अब फरवरी 2026 में प्रस्तावित मार्च की कथा भी रुक गई है। प्रयागराज, आगरा और कोलकाता जैसे शहरों में भी उनके कुछ कार्यक्रम अलग-अलग कारणों से रद्द हो चुके हैं।
फिलहाल धीरेंद्र शास्त्री की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उनके समर्थकों को उम्मीद है कि नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। सोशल मीडिया पर उनके अनुयायी निराशा जता रहे हैं और प्रशासन से अनुमति देने की मांग कर रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या लखनऊ में उनका कार्यक्रम कभी बिना रुकावट हो पाएगा, या हर बार सुरक्षा और विवाद की वजह से ब्रेक लगता रहेगा? फिलहाल गेंद प्रशासन के पाले में है।