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Love is Blind… क्या आपने कभी सोचा है कि आप किसी के प्यार में क्यों पड़ जाते हैं? क्या है “Love at First Sight” का साइकोलॉजी रिलेशन

कहते हैं, इश्क किसी भी उम्र में हो सकता है। न यह मज़हब देखता है, न जाति… बस किसी की नज़र मिल जाए तो दिल कब इसकी गिरफ्त में आ जाए, पता ही नहीं चलता।

आज हम आपको इश्क से जुड़ी ऐसी बात बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। प्यार के इस खेल में कई लोग कामयाब होते हैं, तो कई धोखा भी खा जाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है किसी को देखते ही प्यार कैसे हो जाता है? शरीर के अंदर ऐसा क्या होता है कि इंसान सब कुछ भूलकर अपने प्यार को पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाता है?

असल में, यह एक ऐसा दौर होता है जिससे लगभग हर व्यक्ति कभी न कभी गुजरता है। जब कोई इंसान इश्क में पड़ता है, तो उसका शरीर भी इसके संकेत देने लगता है। शरीर के अंदर एक बेहद तेज, असली और अनोखा चेन रिएक्शन शुरू हो जाता है। माना जाता है कि कुछ ही सेकंड में दिमाग विज़ुअल संकेतों का विश्लेषण करता है, हार्मोनल बदलावों को ट्रैक करता है और आकर्षण के लिए जिम्मेदार पुराने इवोल्यूशनरी सिस्टम को एक्टिवेट कर देता है।

जब आपकी नज़र पहली बार किसी पर पड़ती है, तो ब्रेन तुरंत अपने रिवॉर्ड सिस्टम को सक्रिय कर देता है। इसके साथ ही उस व्यक्ति को पाने की इच्छा, खुशी की चाहत और एक अजीब-सी प्रेरणा जागने लगती है। इसी दौरान ऑक्सीटोसिन शरीर में गर्माहट, भरोसे और अपनापन जैसी भावनाएँ पैदा करता है। वहीं सेरोटोनिन का लेवल गिरने लगता है।

इसके अलावा डोपामाइन भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है। प्यार में पड़ते ही शरीर में एक अलग तरह की ऊर्जा, आकर्षण और उस व्यक्ति के बारे में और अधिक जानने की उत्सुकता पैदा होने लगती है।

शुरुआती फेज़ में ऑक्सीटोसिन ऐसा इमोशनल बॉन्ड बनाता है कि इंसान उस व्यक्ति की ओर अप्रत्याशित रूप से आकर्षित हो सकता है, जिसे उसने अभी-अभी देखा है।

सेरोटोनिन का स्तर कम होने से हल्का जुनून भी पैदा होता है। यही वह पल होता है जब आदमी बार-बार उसी इंसान के बारे में सोचने लगता है। उसकी बातें, उसके हाव-भाव और छोटी-छोटी चीज़ें दिमाग में बार-बार घूमने लगती हैं।

शरीर एड्रेनालाईन और नॉरएड्रेनालाईन रिलीज करके आकर्षण पर प्रतिक्रिया करता है। इसके परिणामस्वरूप दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं, हथेलियों में पसीना आता है, हल्का कांपना महसूस होता है और सतर्कता बढ़ जाती है।

इन्हीं बायोलॉजिकल प्रतिक्रियाओं में से सबसे स्पष्ट संकेत है पुतलियों का फैलना। जब कोई व्यक्ति किसी ऐसे इंसान को देखता है जो उसे आकर्षक लगता है, तो उसकी पुतलियाँ स्वतः फैल जाती हैं।

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।इंडिया प्रेस हाउस इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।)

news desk

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