नई दिल्ली: सोमवार को देश के सुप्रीम कोर्ट से एक दुर्भाग्यपूर्ण और चौकाने वाला मामला सामने आया. देश के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर एक वकील ने जूता फेंकने की कोशिश की और यह घटना शीर्ष अदालत में सुनवाई के दौरान घटी.
जानकारी के अनुसार, राकेश किशोर नाम के एक 60 वर्षीय वकील ने ही इस घटना को अंजाम दिया. घटना के दौरान वकील ने नारे लगाते हुए यह भी कहा कि’सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’. इस दौरान मौके पर तैनात पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया और आरोपी से घटना के पीछे की वजह पूछताछ की जा रही है.
मामले के सुनवाई के दौरान दिया घटना को अंजाम
मामला उस वक्त का है जब CJI गवई एक केस की सुनवाई कर रहे थे. इस दौरान आरोपी वकील ने जूता हाथ में लेकर उन पर फेंकने की कोशिश की. कोर्ट में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने वकील को पकड़ा और साथ ले गए. हालांकि, घटना के बाद जस्टिस गवई ने अदालत में शांति बनाए रखने की बात कही और मौजूद वकीलों से कहा कि “इस सब से विचलित न हों. हम विचलित नहीं हैं. ये बातें मुझे प्रभावित नहीं करतीं.”
भगवान विष्णु पर सीजेआई की टिप्पणी से नाराज था आरोपी
बताया जा रहा कि आरोपी वकील कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के खजुराहो में भगवान विष्णु की सात फुट ऊंची मूर्ति के पुनर्स्थापन पर CJI की टिप्पणी से नाराज़ था. CJI ने खजुराहो मामले में सुनवाई करते हुए कहा था कि “जाओ और भगवान से खुद करने को कहो. तुम कहते हो भगवान विष्णु के कट्टर भक्त हो, जाओ उनसे प्रार्थना करो.”
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रोहित पाण्डेय ने कहा कि ‘यह घटना काफी दुखद है कि एक कोर्ट में वकील ने जज पर हमला करने का प्रयास किया है. हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं. और कार्रवाई की मांग करते हैं.’