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गणेश उत्सव के अंतिम दिन राहुकाल से लेकर शुभ मुहूर्तों तक का पूरा गणित; जानिए किस समय बप्पा को विदा करने से बरसेगी उनकी असीम कृपा।

14 सितंबर को शुरू हुआ गणेश चतुर्थी का पावन पर्व और आज देशभर में सभी बप्पा को अलविदा कर रहे हैं। 10 दिन का बप्पा का महोत्सव आज समाप्त हो रहा है। गणेश विसर्जन के दिन भक्त पूरे भाव और धूमधाम के साथ अपने प्रिय लाडले बप्पा को जल में प्रवाहित कर उनसे अगले बरस शीघ्र आने की प्रार्थना करते हैं। ज्योतिषीय गणना और पंचांग के अनुसार, आज गणेश विसर्जन के लिए दिन से लेकर शाम तक 4 सबसे श्रेष्ठ शुभ मुहूर्त प्राप्त हो रहे हैं। तो चलिए जानते हैं गणेश विसर्जन के मुहूर्त के बारे में।

गणेश विसर्जन मुहूर्त

  • प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत): 06:11 से 10:42
  • अपराह्न मुहूर्त (चर): 16:44 से 18:14
  • अपराह्न मुहूर्त (शुभ): 12:13 से 13:43
  • रात्रि मुहूर्त (लाभ): 21:14 से 22:43
  • रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर): 00:13 से 04:42, सितम्बर 26

25 सितंबर 2026 का पंचांग

  • तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्दशी, रात लगभग 11:06 बजे तक, इसके बाद पूर्णिमा
  • वार: शुक्रवार
  • नक्षत्र: शतभिषा, सुबह लगभग 11:22 बजे तक, इसके बाद पूर्वाभाद्रपद
  • योग: शूल, दोपहर लगभग 2:51 बजे तक, इसके बाद गंड
  • करण: गर, सुबह लगभग 11:17 बजे तक, इसके बाद वणिज
  • चंद्र राशि: कुंभ राशि
  • सूर्य राशि: कन्या राशि
  • सूर्योदय:लगभग सुबह 6:11 बजे
  • सूर्यास्त: लगभग शाम 6:14 बजे

शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: लगभग 4:35 से 5:23 बजे
  • प्रातः संध्या: लगभग 4:59 से 6:11 बजे
  • अभिजीत मुहूर्त: लगभग 11:48 बजे से 12:37 बजे
  • विजय मुहूर्त: लगभग 2:13 से 3:01 बजे
  • गोधूलि मुहूर्त: लगभग 6:14 से 6:38 बजे
  • सायाह्न संध्या: लगभग 6:14 से 7:26 बजे
  • अमृत काल: लगभग रात 3:28 से 5:05 बजे (26 सितंबर)
  • निशिता मुहूर्त: लगभग 11:49 बजे से 12:37 बजे (26 सितंबर)

राहुकाल और अशुभ समय

  • राहुकाल: लगभग 10:42 से 12:13 बजे
  • यमगण्ड: लगभग 3:13 से 4:44 बजे
  • गुलिक काल: लगभग 7:41 से 9:12 बजे
  • दुर्मुहूर्त: लगभग 8:36 से 9:24 बजे और 12:37 से 1:25 बजे
  • वर्ज्य: लगभग शाम 5:49 से 7:25 बजे
  • भद्रा: लगभग रात 11:06 बजे से 26 सितंबर सुबह 6:11 बजे

अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा को विदाई देना हर भक्त के लिए एक भावुक पल होता है, लेकिन सही समय और शुभ मुहूर्तों में पूजा-अर्चना करने से भगवान गणेश का आशीर्वाद और उनकी कृपा सदैव अपने परिवार पर बनी रहती है। इन पावन घड़ियों में पूरी श्रद्धा के साथ बप्पा को विदा करें और अगले बरस फिर आने की प्रार्थना करें।

डिस्क्लेमर-इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं और पंचांग पर आधारित हैं। लेख में दिए गए मुहूर्त स्थान और समय की गणना के अनुसार थोड़े भिन्न हो सकते हैं। किसी भी विशेष अनुष्ठान या पूजा से पहले अपने स्थानीय पंडित या ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें।

news desk

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