उत्तर कोरिया से एक दिलचस्प और बड़ी खबर सामने आई है। देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने अपनी किशोर बेटी को आधिकारिक तौर पर उत्तराधिकारी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह दावा दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया सेवा (NIS) ने संसद के सदस्यों को एक बंद कमरे में दी गई ब्रिफिंग में किया है।
एनआईएस के मुताबिक, किम जोंग उन की बेटी किम जू ए, जिनकी उम्र करीब 13 साल मानी जा रही है, अब “उत्तराधिकारी नियुक्ति के चरण” में पहुंच चुकी हैं। यानी बात सिर्फ ट्रेनिंग तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब उन्हें भविष्य की नेता के तौर पर औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।
क्या संकेत मिल रहे हैं?
खुफिया एजेंसी का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में किम जू ए की सार्वजनिक मौजूदगी काफी बढ़ी है। वह कोरियाई पीपुल्स आर्मी के स्थापना दिवस समारोह से लेकर कुमसुसान सन पैलेस जैसे बेहद अहम स्थलों पर अपने पिता के साथ नजर आई हैं। यही नहीं, हथियार परीक्षण और बड़े सैन्य कार्यक्रमों में भी उनकी मौजूदगी दर्ज की गई है।
एनआईएस का आकलन है कि वह अब de facto दूसरे सबसे ऊंचे पद पर मानी जा रही हैं और राज्य नीतियों पर अपनी राय भी दे रही हैं। यह दावा एजेंसी की पिछली रिपोर्ट से बड़ा बदलाव है, जहां उन्हें सिर्फ “उत्तराधिकारी प्रशिक्षण” में बताया गया था।
क्या बनेगा इतिहास?
अगर किम जू ए वाकई उत्तराधिकारी बनती हैं, तो यह किम परिवार की चौथी पीढ़ी होगी जो सत्ता संभालेगी। साथ ही, वह उत्तर कोरिया की पहली महिला सर्वोच्च नेता बन सकती हैं। हालांकि उत्तर कोरिया की पारंपरिक और सैन्य-प्रधान व्यवस्था को देखते हुए कई विशेषज्ञ अब भी सवाल उठा रहे हैं।
दक्षिण कोरियाई सांसद ली सेओंग-क्वेन ने कहा कि “पहले सिर्फ ट्रेनिंग की बात थी, लेकिन अब ‘नियुक्ति चरण’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है — यह बड़ा संकेत है।”
फिलहाल नजर आने वाली वर्कर्स पार्टी कांग्रेस पर टिकी है। अगर वहां किम जू ए को कोई आधिकारिक पद या उपाधि मिलती है, तो उनकी उत्तराधिकारी की दावेदारी और मजबूत मानी जाएगी।
ध्यान रहे, उत्तर कोरिया की गोपनीय व्यवस्था के चलते जानकारी सीमित है और यह पूरा आकलन दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी पर आधारित है। आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।