तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने इतिहास रच दिया है। 50 साल बाद केरल से वामपंथ (LDF) की विदाई तो हो गई, लेकिन अब कांग्रेस के सामने ‘जीत’ से बड़ी चुनौती ‘मुख्यमंत्री’ चुनना बन गई है। सत्ता की दहलीज पर खड़ी कांग्रेस के भीतर सीएम की कुर्सी को लेकर घमासान छिड़ गया है।
50 साल का किला ढहा, पर दिल्ली में बढ़ी टेंशन
केरल में एलडीएफ की हार सिर्फ एक चुनाव की हार नहीं है, बल्कि भारत के अंतिम वामपंथी गढ़ का पतन है। कांग्रेस के लिए यह बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अब सवाल यह है कि इस जीत का ‘सेहरा’ किसके सिर बंधेगा? राहुल गांधी और उनकी कोर टीम केरल में डेरा डाले हुए है, क्योंकि राज्य के दो कद्दावर नेता आमने-सामने हैं।
सतीशन बनाम चेन्निथला: मेहनत और हक की लड़ाई
केरल की गलियों में यह चर्चा आम है कि वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला ने जमीनी स्तर पर पसीना बहाकर कांग्रेस को यह सत्ता दिलाई है।
- वीडी सतीशन: विपक्ष के नेता के तौर पर उनकी सक्रियता और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता उन्हें इस पद का स्वाभाविक हकदार बनाती है।
- रमेश चेन्निथला: अनुभव और पार्टी के प्रति वफादारी के मामले में उनका कद किसी से कम नहीं है।
इन दोनों दिग्गजों का मानना है कि सत्ता की मलाई अब किसी ‘तीसरे’ को देना उनके साथ अन्याय होगा।
‘डार्क हॉर्स’ बनकर उभरे केसी वेणुगोपाल
इन सबके बीच केसी वेणुगोपाल का नाम एकाएक सबसे आगे आ गया है। सूत्रों की मानें तो दिल्ली दरबार (हाईकमान) वेणुगोपाल को कमान सौंपने के मूड में है। वेणुगोपाल को सीएम बनाए जाने के पीछे कई कारण हैं:
- हाईकमान का भरोसा: वेणुगोपाल राहुल गांधी के सबसे भरोसेमंद सिपहसालारों में से एक हैं।
- संगठनात्मक पकड़: पार्टी को लगता है कि वेणुगोपाल गुटबाजी को खत्म कर सबको साथ लेकर चल सकते हैं।
केरल में सत्ता की चाबी किसके हाथ में होगी, इसका सस्पेंस अब लगभग खत्म हो गया है। कांग्रेस पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक के हाथ में दिखी एक ‘सीक्रेट लिस्ट’ की फोटो वायरल होने के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस लीक हुई चिट्ठी ने साफ कर दिया है कि केसी वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री की रेस में वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला को कोसों पीछे छोड़ दिया है।
लीक फोटो से खुला राज: सतीशन के करीबियों ने दिया धोखा?
7 मई, 2026 को पर्यवेक्षकों के साथ हुई आमने-सामने की बैठक के बाद जो लिस्ट सामने आई है, उसने सबको चौंका दिया है।
- सन्नी जोसेफ का यू-टर्न: प्रदेश अध्यक्ष सन्नी जोसेफ, जो अब तक सतीशन का समर्थन करने का दावा कर रहे थे, उन्होंने भी लिस्ट के मुताबिक KC वेणुगोपाल को ही अपनी पसंद बताया है। इस खुलासे के बाद सन्नी जोसेफ ने अपनी आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस भी रद्द कर दी है।
- 47 विधायकों का साथ: कुल 63 नवनिर्वाचित विधायकों में से 47 ने वेणुगोपाल के नाम पर मुहर लगाई है।
आंकड़ों में समझें: किसे मिला कितना समर्थन?
लीक हुई जानकारी के अनुसार, विधायकों की पसंद कुछ इस प्रकार रही:
| दावेदार का नाम | विधायकों का समर्थन |
| केसी वेणुगोपाल | 47 |
| रमेश चेन्निथला | 08 |
| वीडी सतीशन | 06 |
लोकप्रिय पसंद माने जा रहे वीडी सतीशन को मात्र 6 विधायकों का साथ मिला, जबकि चेन्निथला के बेहद करीबी आई.सी. बालकृष्णन ने भी पाला बदलते हुए वेणुगोपाल और चेन्निथला दोनों का समर्थन कर दिया।
खड़गे करेंगे ‘अंतिम फैसला’, रविवार तक होगा ऐलान
पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन दिल्ली लौट चुके हैं और अपनी विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंपेंगे। हालांकि, विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला खड़गे पर छोड़ दिया गया है, लेकिन 47 विधायकों का भारी समर्थन वेणुगोपाल की राह आसान बनाता दिख रहा है।
शपथ ग्रहण की तैयारी शुरू
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान शनिवार या रविवार (10 मई) तक नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर देगा। इसके दो दिनों के भीतर नए मुख्यमंत्री UDF के अन्य घटक दलों के साथ मिलकर शपथ ग्रहण करेंगे।
बड़ा सवाल: क्या दिल्ली से भेजे गए नेता को स्वीकार करेंगे केरल के विधायक? अगर वेणुगोपाल को सीएम बनाया जाता है, तो क्या सतीशन और चेन्निथला के समर्थक बगावत करेंगे?