मुंबई/नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन के बीच बीसीसीआई ने एक ऐसी एडवाइजरी जारी की है, जिसने सनसनी फैला दी है।
बोर्ड ने सभी 10 फ्रैंचाइजी को ‘हनी ट्रैप’ (Honey Trap) और सुरक्षा प्रोटोकॉल के गंभीर उल्लंघन को लेकर चेतावनी दी है। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया द्वारा जारी इस 8 पन्नों के निर्देश में खिलाड़ियों की सुरक्षा और अनुशासन को लेकर कड़े मानक तय किए गए हैं।
क्या है बीसीसीआई की सबसे बड़ी चिंता?
बोर्ड की मुख्य चिंता खिलाड़ियों के होटल के कमरों में ‘अनधिकृत व्यक्तियों’ (Unauthorized Persons) की एंट्री को लेकर है।
- सीक्रेट एंट्री पर रोक: रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ खिलाड़ियों ने टीम मैनेजर की अनुमति के बिना बाहरी लोगों को अपने कमरों में बुलाया है।
- हनी ट्रैप का खतरा: बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया या डेटिंग ऐप्स के जरिए खिलाड़ियों को प्रेम या शारीरिक आकर्षण के जाल में फंसाकर गोपनीय जानकारी उगलवाने या ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा सकती है।
होटल और मैदान के लिए 3 नए ‘सुपर प्रोटोकॉल’
- नो एंट्री विदाउट परमिशन: किसी भी व्यक्ति (चाहे वह कितना भी करीबी क्यों न हो) को टीम मैनेजर की लिखित अनुमति के बिना खिलाड़ी के कमरे में जाने की इजाजत नहीं होगी।
- सार्वजनिक मिलन: मेहमानों से केवल होटल की लॉबी या रिसेप्शन पर ही मिला जा सकेगा।
- यौन शोषण से बचाव: बीसीसीआई ने ‘यौन दुर्व्यवहार’ से जुड़े भारतीय कानूनों का हवाला देते हुए फ्रैंचाइजी को सतर्क रहने को कहा है।
रियान पराग के ‘वेपिंग’ विवाद पर भी गिरी गाज!
बीसीसीआई ने राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का नाम लिए बिना ‘ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट (Vaping)’ के मामले पर कड़ी नाराजगी जताई है। पत्र में साफ कहा गया है कि भारत में ई-सिगरेट प्रतिबंधित है और ड्रेसिंग रूम या डगआउट में ऐसा करना न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि कानूनी अपराध भी है।
सैकिया ने रियान का नाम लिए बिना लिखा है, ‘ड्रेसिंग रूम और टूर्नामेंट स्थलों के अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में वेपिंग के मामलों को बीसीसीआई के संज्ञान में लाया गया है।
इस पर गौर किया जाना चाहिए की भारतीय कानून के तहत ई-सिगरेट प्रतिबंधित हैं।आयोजन स्थल के परिसर के भीतर इस तरह के आचरण में लिप्त पाए जाने वाला कोई भी व्यक्ति न केवल बीसीसीआई और आईपीएल के नियमों का उल्लंघन कर रहा है, बल्कि वह इस संबंध में लागू कानूनों के अंतर्गत अपराध भी कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘इसलिए आईपीएल टूर्नामेंट से जुड़े सभी स्थलों (ड्रेसिंग रूम, डगआउट, टीम होटल और अभ्यास क्षेत्र) में वेपिंग, ई-सिगरेट और सभी प्रतिबंधित पदार्थों का उपयोग करने पर सख्त प्रतिबंध है।’
टीम मालिकों पर भी नकेल: ‘हग’ और ‘टॉक’ पर पाबंदी
बीसीसीआई ने फ्रैंचाइजी मालिकों को भी PMOA (खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों का क्षेत्र) की पवित्रता बनाए रखने की हिदायत दी है।
- मैच के दौरान डगआउट या ड्रेसिंग रूम में जाकर खिलाड़ियों को गले लगाना या उनसे बातचीत करना अब प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना जाएगा।
- मालिकों को खिलाड़ियों से शारीरिक संपर्क (Physical Contact) से बचने की सलाह दी गई है ताकि मैच के संचालन में कोई हस्तक्षेप न हो।
क्यों जरूरी था यह कदम?
आईपीएल की चमक-धमक और ग्लैमर के बीच खिलाड़ी अक्सर सट्टेबाजों या जासूसों के निशाने पर होते हैं। ‘हनी ट्रैप’ जैसे हथकंडे खेल की शुचिता (Integrity) को खत्म कर सकते हैं। बीसीसीआई का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि वह 2026 सीजन को किसी भी विवाद से बचाना चाहता है।