राज्य

गंगा की स्वच्छता के लिए कानपुर में STP आधारित समाधान को मिल रहा है विस्तार, शोधित सीवेज के उपयोग से प्रदूषण भार घटाने की कोशिश

कानपुर: गंगा को पूरी तरह निर्मल और प्रदूषण-मुक्त बनाने की राह अभी लंबी और कठिन जरुर है, लेकिन इस दिशा में कानपुर में कुछ ठोस कोशिशें जरूर की जा रही हैं। शहर में संचालित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के जरिए गंदे पानी को सीधे गंगा में जाने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि नदी पर पड़ने वाला प्रदूषण का दबाव कम किया जा सके। हालांकि गंगा की स्थिति में बड़ा बदलाव अभी दिखना बाकी है, लेकिन इन व्यवस्थाओं से हालात को और बिगड़ने से रोकने में कुछ हद तक मदद मिली है।

कानपुर में फिलहाल 7 एसटीपी काम कर रहे हैं, जहां नगर के सीवेज को वैज्ञानिक प्रक्रिया से शोधित कर तय मानकों के अनुसार छोड़ा जाता है। इस शोधित पानी का एक हिस्सा गंगा में प्रवाहित किया जाता है, जबकि बड़ा हिस्सा दोबारा इस्तेमाल में लाया जा रहा है।प्रतिदिन लगभग 455 एमएलडी सीवेज का वैज्ञानिक पद्धति से ट्रीटमेंट किया जा रहा है। नियामक संस्थाओं द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार बीओडी, सीओडी एवं फीकल कॉलिफॉर्म जैसे सभी आवश्यक पर्यावरणीय पैरामीटर्स का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की पर्यावरणीय क्षति न हो।

करीब 173 एमएलडी पानी किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लगभग 2,000 हेक्टेयर खेती को सहारा मिल रहा है। इससे किसानों को वैकल्पिक पानी मिला है और भूजल पर निर्भरता कुछ हद तक कम हुई है, हालांकि यह सुविधा अभी सीमित इलाकों तक ही पहुंची है।

इसी तरह, उद्योगों में भी इस शोधित जल के इस्तेमाल की शुरुआत की गई है। थर्मल पावर प्लांट में इसका उपयोग कर ताजे पानी की खपत घटाने की कोशिश हो रही है। 130 एमएलडी और 43 एमएलडी क्षमता वाले ये प्लांट बीओडी, सीओडी और टीएसएस जैसे मानकों को नियंत्रण में रखने के लिए बनाए गए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक सभी नालों को पूरी तरह एसटीपी से नहीं जोड़ा जाता और निगरानी सख्त नहीं होती, तब तक गंगा के प्रदूषण पर पूरी तरह काबू पाना मुश्किल रहेगा।

कुल मिलाकर, कानपुर का यह मॉडल गंगा सफाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसे असरदार बनाने के लिए निरंतर काम किया जा रहा है।

news desk

Recent Posts

4 जुलाई 2026 का राशिफल: इन राशियों को मिलेगा लाभ, कुछ को रहना होगा सतर्क, जानें अपना आज का भविष्यफल

नई दिल्ली: 4 जुलाई 2026, शनिवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग संकेत…

20 minutes ago

रक्षाबंधन 2026 कब है? जानिए सही तारीख, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का सच और रक्षा सूत्र बांधने की पूरी विधि

नई दिल्ली: भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व हर…

26 minutes ago

चीनी ऐप से बीच सड़क अचानक क्यों रुक रहे ई-रिक्शा? खुलासे ने बढ़ाई टेंशन, क्या अब सोलर ग्रिड भी खतरे में?

भोपाल: मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा को बीच रास्ते रोकने के मामले सामने आने के…

47 minutes ago

चार महीने बाद होगा अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार, जानिए अब तक कहां रखा गया था शव और क्यों हुई इतनी देरी

मशहद: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार उनकी मौत के…

57 minutes ago

‘मैडम सो रही हैं, डिस्टर्ब न करें…’ 1991 हाईजैक के दौरान बेनजीर भुट्टो से जुड़ा किस्सा सुनाकर पूर्व राजनयिक ने पाकिस्तान पर साधा निशाना

इस्लामाबाद: सिंगापुर के पूर्व वरिष्ठ राजनयिक बिलाहरी कौसिकन ने पाकिस्तान को लेकर तीखी टिप्पणी करते…

1 hour ago

अमरनाथ यात्रा 2026: बाबा बर्फानी के दर्शन से पहले जान लें नया किराया, घोड़ा-पालकी और पिट्ठू की फुल रेट लिस्ट जारी

श्रीनगर: अमरनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सेवाओं के…

2 hours ago