आईटीसी लिमिटेड के शेयरों में नए साल की शुरुआत के साथ ही दबाव देखने को मिला है। गुरुवार सुबह के कारोबार में आईटीसी का शेयर गिरकर करीब 365.50 रुपये के स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले कुछ महीनों का निचला स्तर माना जा रहा है। बाजार जानकारों के मुताबिक, इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह सरकार द्वारा सिगरेट पर नए उत्पाद शुल्क की घोषणा है, जो इसी वर्ष फरवरी से लागू होगा। इस फैसले ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि आईटीसी की कमाई में सिगरेट कारोबार की हिस्सेदारी अब भी काफी अहम मानी जाती है। करीब 5 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली आईटीसी भारत की सबसे बड़ी और भरोसेमंद कंपनियों में शामिल है, लेकिन नीतिगत बदलावों का असर इसके शेयरों पर साफ नजर आ रहा है।
सिगरेट टैक्स ने बिगाड़ा बाजार का मूड
सरकार ने सिगरेट पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने का ऐलान किया है, जिससे 75 से 85 मिमी लंबी सिगरेट की कीमत में 22 से 28 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसका मतलब है कि प्रति सिगरेट 2 से 3 रुपये तक महंगी हो सकती है। यह सेगमेंट आईटीसी के कुल सिगरेट वॉल्यूम का लगभग 16 फीसदी है, इसलिए मांग पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी खबर के बाद आईटीसी समेत तंबाकू सेक्टर के अन्य शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली और एफएमसीजी इंडेक्स करीब 1.6 फीसदी गिर गया।
आईटीसी की ताकत और आगे का रास्ता
आईटीसी का कारोबार एफएमसीजी, होटल, पेपरबोर्ड, एग्री-बिजनेस और आईटी जैसे कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। हाल ही में कंपनी ने अपने होटल बिजनेस को अलग कर आईटीसी होटल्स लिमिटेड बनाया है, जिससे भविष्य में वैल्यू अनलॉक होने की उम्मीद की जा रही है। फिलहाल शेयर अपनी बुक वैल्यू के करीब 7.10 गुना पर ट्रेड कर रहा है और डिविडेंड यील्ड 3.56 फीसदी है। कुछ विश्लेषक इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए मौका मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि टैक्स बढ़ोतरी से मार्जिन पर दबाव बना रहेगा। आने वाले महीनों में तिमाही नतीजे और सरकारी नीतियां आईटीसी के शेयरों की दिशा तय करेंगी।