वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने गुरुवार को एक ऐसा कदम उठाया, जिसने सभी को चौंका दिया। उन्होंने अपना नोबेल शांति पुरस्कार का पदक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सौंप दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात के दौरान मचाडो ने यह पदक उन्हें भेंट किया।
मारिया ने कहा कि वेनेजुएला के दो सौ साल के इतिहास में यह पहली बार है, जब वहां की जनता वॉशिंगटन के उत्तराधिकारी को पदक दे रही है। उन्होंने इसे ट्रंप के वेनेजुएला की आज़ादी में योगदान के सम्मान में दिया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा
“आज वेनेजुएला की मारिया कोरीना मचाडो से मिलना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान था। वह एक अद्भुत महिला हैं, जिन्होंने बहुत कुछ सहा है। मारिया ने मेरे किए गए काम के लिए मुझे अपना नोबेल शांति पुरस्कार गिफ्ट किया। यह आपसी सम्मान का शानदार संकेत है। धन्यवाद, मारिया!”
नोबेल पीस सेंटर का स्पष्टीकरण
नोबेल पीस सेंटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्पष्ट किया कि नोबेल शांति पुरस्कार को किसी और को नहीं दिया जा सकता, केवल पदक ही किसी अन्य व्यक्ति को सौंपा जा सकता है।
उदाहरण के लिए, रूसी पत्रकार दिमित्री मुरातोव का पदक यूक्रेन युद्ध के शरणार्थियों की मदद के लिए 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा में नीलाम किया गया।
नोबेल पीस सेंटर में प्रदर्शित एक पदक असल में उधार पर रखा गया था, जो नॉर्वे के पहले नोबेल विजेता क्रिश्चियन लूस लैंग का था।
कानूनी स्थिति
- नोबेल पुरस्कार वापस नहीं लिया जा सकता
- इसे किसी और को ट्रांसफर या साझा नहीं किया जा सकता
- केवल पदक का स्वामित्व बदला जा सकता है, विजेता का दर्जा नहीं
इसलिए, मारिया द्वारा ट्रंप को दिया गया पदक केवल सम्मान के तौर पर है। ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नहीं बने।
इसलिए, मारिया द्वारा ट्रंप को दिया गया पदक केवल सम्मान के तौर पर है। ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नहीं बने।