नई दिल्ली: घर में पेड़-पौधे लगाना न सिर्फ हरियाली बढ़ाता है, बल्कि वास्तु शास्त्र में भी इनके लिए कुछ नियम बताए गए हैं. पपीते का पौधा भी लोग आंगन या गार्डन में लगाते हैं, लेकिन अक्सर सवाल उठता है कि क्या इसे मुख्य द्वार के ठीक सामने लगाया जा सकता है? वास्तु के अनुसार इसकी दिशा और जगह का खास महत्व माना गया है. आइए जानते हैं पपीते का पौधा घर में कहां लगाना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
वास्तु के जानकारों के मुताबिक घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने पपीते का पेड़ लगाने से बचना चाहिए. मान्यता है कि मुख्य द्वार से ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है. ऐसे में अगर दरवाजे के ठीक सामने कोई बड़ा पेड़ खड़ा हो जाए और वह रास्ते को ढकने लगे, तो इससे ऊर्जा के प्रवाह में रुकावट आती है.
वास्तु में इसे द्वार वेध कहा जाता है. माना जाता है कि इस तरह की रुकावट घर के सदस्यों की तरक्की में बाधा पैदा कर सकती है. इसलिए पपीते का पेड़ लगाते समय मुख्य द्वार से पर्याप्त दूरी रखना बेहतर माना जाता है.
ऐसा नहीं है कि वास्तु के कारण घर में पपीते का पौधा लगाया ही नहीं जा सकता. अगर आंगन या गार्डन में पर्याप्त खुली जगह है, तो इसे मुख्य दरवाजे से थोड़ी दूरी पर लगाया जा सकता है.
पौधा लगाते समय यह जरूर ध्यान रखें कि उसकी डालियां आने-जाने के रास्ते में न आएं. पेड़ इतना घना भी न हो कि घर के भीतर आने वाली धूप और हवा पूरी तरह रुक जाए. खुली जगह और मुख्य द्वार से उचित दूरी पर लगाया गया पौधा ज्यादा उपयुक्त माना जाता है.
वास्तु शास्त्र के अनुसार फलदार और हरे-भरे पौधों के लिए पूर्व और उत्तर दिशा को शुभ माना जाता है. हालांकि, पौधा लगाने से पहले घर की बनावट और उपलब्ध जगह का भी ध्यान रखना जरूरी है.
वहीं उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को वास्तु में हल्का, साफ और खुला रखने की सलाह दी जाती है. इसलिए इस हिस्से में बहुत बड़ा या भारी पेड़ लगाने से बचने की बात कही जाती है. पपीते का पौधा लगाते समय दिशा के साथ-साथ यह भी देखना चाहिए कि वह घर के खुले हिस्से में हो और आने-जाने या रोशनी में बाधा न बने.
वास्तु के नियमों के अलावा पौधे की वास्तविक जरूरतों का ध्यान रखना भी जरूरी है. पपीते के पौधे को अच्छी धूप और खुली हवा की जरूरत होती है. ऐसी जगह जहां लगातार छाया रहती हो या पानी जमा रहता हो, वहां पौधे के खराब होने की आशंका रहती है.
घर में सूखा या बीमार पेड़ रखना वास्तु की मान्यताओं में शुभ नहीं माना जाता. इसलिए पपीते का पौधा ऐसी जगह लगाएं जहां उसे पर्याप्त धूप मिले और पानी जमा न हो.
अगर आप घर में पपीते का पौधा लगा रहे हैं, तो उसे मुख्य द्वार के ठीक सामने लगाने से बचें. पौधे के लिए ऐसी जगह चुनें जहां पर्याप्त धूप और हवा मिल सके. साथ ही, उसकी शाखाएं घर के प्रवेश मार्ग को न रोकें और पेड़ इतना घना न हो कि कमरे या आंगन में रोशनी और हवा का आना कम हो जाए.
वास्तु मान्यताओं के अनुसार सही दिशा और उचित जगह पर लगाया गया हरा-भरा पौधा घर के वातावरण में सकारात्मकता और खुशहाली से जोड़ा जाता है. हालांकि, ये बातें वास्तु संबंधी मान्यताओं पर आधारित हैं.
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